एक पेशी, सैकड़ों पुलिस… पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर के लिए वाराणसी कोर्ट में हाई सिक्योरिटी; लेकिन उसके बाद भी क्यों बढ़ी हलचल?

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की वाराणसी की स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेशी के दौरान न्यायालय परिसर छावनी में तब्दील नजर आया। सैकड़ों पुलिसकर्मियों की तैनाती रही। हिंदू युवा वाहिनी नेता से जुड़े मामले को लेकर सुरक्षा बेहद कड़ी की गई।

Updated : 20 December 2025, 9:07 AM IST
google-preferred

Varanasi: वाराणसी में उस समय अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला, जब पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की पेशी को लेकर न्यायालय परिसर को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया। शुक्रवार को वाराणसी जिले की स्पेशल सीजेएम (एसीजेएम-1) कोर्ट में अमिताभ ठाकुर की पेशी हुई, जिसके मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कोर्ट परिसर के बाहर से लेकर कोर्ट रूम तक भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की पेशी से पहले ही न्यायालय परिसर में अचानक हलचल तेज हो गई। सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी, पीएसी और अन्य सुरक्षाबल तैनात किए गए थे। हालात ऐसे थे कि आम लोगों और अधिवक्ताओं को भी प्रवेश में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि पूरा परिसर पुलिस की सीटी और आवाजाही से गूंज उठा।

Exclusive Video of Amitabh Thakur’s arresting: अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी का एक्सक्लूसिव वीडियो

हिंदू युवा वाहिनी नेता टिप्पणी मामला

दरअसल, यह पेशी हिंदू युवा वाहिनी के एक नेता से जुड़े टिप्पणी मामले को लेकर थी। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर एक हिंदू युवा वाहिनी नेता पर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने के आरोप लगाए थे। इसी को लेकर उनके खिलाफ वाराणसी के चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

शुक्रवार की देर शाम जब अमिताभ ठाकुर कोर्ट पहुंचे, उस दौरान कोर्ट परिसर से लेकर कोर्ट रूम के बाहर तक भारी पुलिस बल तैनात नजर आया। इस अप्रत्याशित सुरक्षा व्यवस्था को देखकर वाराणसी के कई अधिवक्ता भी हैरान रह गए। अधिवक्ताओं और आम लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना रहा कि आखिर एक पेशी के लिए इतनी कड़ी सुरक्षा की आवश्यकता क्यों पड़ी।

करीब एक घंटे तक रहा हाई अलर्ट

अमिताभ ठाकुर की कोर्ट में मौजूदगी के दौरान करीब एक घंटे तक न्यायालय परिसर में हाई अलर्ट जैसी स्थिति बनी रही। मीडियाकर्मियों की भी बड़ी संख्या कोर्ट रूम के बाहर मौजूद रही। सोशल मीडिया पर भी इस पूरे घटनाक्रम की चर्चा होती रही और कोर्ट परिसर के वीडियो व तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं।

क्या है पूरा मामला?

पूरा मामला कोडीन कफ सिरप केस से जुड़ा बताया जा रहा है। चौक थाना क्षेत्र के बड़ी पियरी निवासी और हिंदू युवा वाहिनी के नेता तथा वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के मानद सदस्य अम्बरीष सिंह भोला ने 9 दिसंबर 2025 को चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार, अमिताभ ठाकुर ने 30 नवंबर 2025 को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था।

इस वीडियो में अमिताभ ठाकुर पर आरोप है कि उन्होंने अम्बरीष सिंह भोला के खिलाफ आपराधिक मामलों में संलिप्त होने जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिन्हें शिकायतकर्ता ने पूरी तरह झूठा और मानहानिकारक बताया है। इसी शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और अब उसी मामले में कोर्ट में पेशी हुई।

देवरिया जेल में अमिताभ ठाकुर से मिले अजय राय, बोले- कांग्रेस सड़क पर देगी जवाब

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

पूर्व आईपीएस अधिकारी की पेशी के दौरान जिस तरह से न्यायालय परिसर को छावनी में तब्दील किया गया, उसने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों का कहना है कि आमतौर पर ऐसी सुरक्षा व्यवस्था केवल बड़े आपराधिक मामलों या संवेदनशील मामलों में ही देखने को मिलती है। फिलहाल, कोर्ट ने मामले में आगे की सुनवाई की तारीख तय कर दी है। वहीं, पूरे घटनाक्रम के बाद वाराणसी का न्यायालय परिसर देर शाम तक चर्चा का केंद्र बना रहा।

Location : 
  • Varanasi

Published : 
  • 20 December 2025, 9:07 AM IST

Advertisement
Advertisement