बिहार में दिल्ली समझौते की उड़ रही धज्जियां? छात्रों की धरपकड़ पर भड़की CJP, तेजस्वी यादव ने CM सम्राट चौधरी को दी सीधी चेतावनी

दिल्ली में 25 जुलाई के समझौते के बावजूद बिहार में प्रदर्शनकारी छात्रों की धरपकड़ जारी है। CCTV फुटेज से हो रही गिरफ्तारियों पर CJP और तेजस्वी यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। तेजस्वी ने सरकार को दी कड़े अंजाम की चेतावनी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 27 July 2026, 2:12 PM IST
google-preferred

Patna: 25 जुलाई को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के बीच एक अहम समझौता हुआ था। इसमें प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस लेने और किसी भी छात्र पर कार्रवाई न करने का भरोसा दिया गया था। लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बिहार के पटना, छपरा, बेगूसराय और सीतामढ़ी जैसे जिलों में पुलिस सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगालकर प्रदर्शनकारियों को चिह्नित कर रही है और लगातार गिरफ्तारियां की जा रही हैं।

CJP का सोशल मीडिया पर मोर्चा

सड़कों पर पुलिसिया एक्शन शुरू होते ही CJP ने एक्स (ट्विटर) पर मोर्चा खोल दिया है। सीजेपी ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बंगाल के मुख्यमंत्री सुभेंदु अधिकारी को टैग करते हुए साफ शब्दों में लिखा कि जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा दिए गए भरोसे को न तोड़ा जाए। पार्टी ने आग्रह किया कि पूरे देश की पुलिस 25 जुलाई के दिल्ली समझौते का पूरी तरह पालन करे और छात्रों पर दर्ज सभी फर्जी मामले तुरंत रद्द किए जाएं।

बिहार-बंगाल-झारखंड तक फैला था गोकशी का काला कारोबार, अमेठी में पुलिस मुठभेड़ के बाद तीन आरोपी गिरफ्तार

तेजस्वी यादव का तीखा हमला

इस मुद्दे पर बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी सरकार पर करारा प्रहार किया है। तेजस्वी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक परंपराओं को ताक पर रखकर छात्रों पर कठोरता से कार्रवाई की गई है।

उन्होंने कहा कि समझौते के बावजूद हजारों छात्रों पर फर्जी केस दर्ज कर उनके परिजनों को प्रताड़ित किया जा रहा है। तेजस्वी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अगर छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो इस तानाशाही का अंजाम एनडीए सरकार को भुगतना पड़ेगा।

इस्तीफा मिला, लेकिन आंदोलन नहीं रुका! बिहार बंद ने दिया छात्रों के अगले मिशन का बड़ा संकेत

सियासत के केंद्र में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और रद्द केस का वादा

गौरतलब है कि दिल्ली वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और मुआवजे के साथ-साथ सबसे बड़ी शर्त यही थी कि देशभर में आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकदमों को रद्द किया जाएगा। सभी शर्तें मान भी ली गई थीं, लेकिन समझौते के बाद भी जारी गिरफ्तारियों ने अब एक नया राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है।

Location :  Patna

Published :  27 July 2026, 2:12 PM IST

Advertisement