हिंदी
मतदान के दिन अक्सर चर्चा में रहीं ये घटनाएं
Patna: बिहार में जब भी मुख्यमंत्री पद को लेकर विधानसभा चुनाव हुए हैं, तब केवल राजनीतिक दलों के गठबंधन या प्रचार ही चर्चा में नहीं रहे, बल्कि वोटिंग के दिन होने वाली अप्रत्याशित घटनाएं भी सुर्खियों में रही हैं। इनमें नक्सली हमले से लेकर बूथ कैप्चरिंग, जातीय तनाव और प्रशासनिक विफलताएं तक शामिल हैं। आइए जानते हैं किन-किन घटनाओं ने बिहार चुनाव के मतदान दिवस को खास बना दिया।
बिहार के कई जिले नक्सल प्रभावित हैं, खासकर गया, औरंगाबाद, लखीसराय, जमुई और रोहतास। 2015 और 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान नक्सलियों ने मतदान को बाधित करने के लिए IED ब्लास्ट और फायरिंग जैसी घटनाएं कीं। कई मतदान केंद्रों पर डर के कारण वोटर नहीं पहुंचे और सुरक्षा बलों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी।
बिहार में बूथ कैप्चरिंग की घटनाएं दशकों तक चुनावी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती रहीं। 1990 से लेकर 2005 तक, चुनावों के दौरान कई जगहों पर बूथ लूटने, EVM तोड़ने और फर्जी वोटिंग की घटनाएं सामने आईं।कुछ इलाकों में पुनर्मतदान तक कराना पड़ा।
चुनावों के दौरान जातीय समीकरणों का असर मतदान पर भी दिखा। कई बार जातीय झड़पों के कारण पुलिस को प्रत्येक मतदान केंद्र पर भारी सुरक्षा बल तैनात करना पड़ा। कुछ जगहों पर तनाव के चलते मतदान रोकना पड़ा या देर से शुरू हुआ।
चुनाव के दिन राजनीतिक दलों के समर्थक आमने-सामने आ जाते हैं, जिससे सड़क पर टकराव, मारपीट और तोड़फोड़ जैसी घटनाएं होती रही हैं। 2020 के चुनाव में भी कई जिलों में हल्की हिंसा और हंगामा देखने को मिला, जिससे मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई।
बिहार में अकसर अक्टूबर-नवंबर में बाढ़ या बारिश का असर रहता है। 2020 के चुनाव में दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी जैसे जिलों में बाढ़ के कारण कई लोग मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाए।
बिहार चुनावों में जहाँ एक ओर राजनीतिक जोड़-तोड़ और घोषणाएं सुर्खियों में रहती हैं, वहीं मतदान के दिन होने वाली अप्रत्याशित घटनाएं भी चर्चा का केंद्र बन जाती हैं। फिर भी, इन तमाम चुनौतियों के बावजूद बिहार की जनता ने हमेशा लोकतंत्र में भरोसा जताते हुए बड़ी संख्या में मतदान किया है।
Location : Bihar
Published : 2 October 2025, 3:14 PM IST
Topics : Bihar Election Bihar News bihar polls Election News