यूरोप ट्रिप, आईफोन और करोड़ों का खेल! बिहार टेंडर घोटाले में IAS अधिकारियों पर गिरी गाज, कई बड़े अफसर जांच के घेरे में

बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में दो IAS अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि ठेकेदार रिशु श्री से रिश्वत, महंगे गिफ्ट, यूरोप ट्रिप और अन्य लाभ लिए गए। मामले में कई बड़े अधिकारियों और इंजीनियरों पर जांच की तलवार लटक रही है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 31 May 2026, 11:10 AM IST
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Patna: बिहार के सरकारी ठेकों में कथित भ्रष्टाचार से जुड़े बड़े मामले में राज्य सरकार ने दो आईएएस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की है। 2014 बैच की आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा और 2017 बैच के आईएएस योगेश कुमार सागर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट और विशेष निगरानी इकाई (SVU) की जांच के आधार पर की गई है।

रिशु श्री से जुड़े तारों ने बढ़ाई मुश्किलें

जांच एजेंसियों के अनुसार, चर्चित ठेकेदार रिशु श्री से जुड़े वित्तीय लेन-देन और कथित लाभ लेने के मामले में दोनों अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि सरकारी ठेकों और परियोजनाओं में प्रभाव का इस्तेमाल कर रिशु श्री की कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। मामले में पहले भी कई वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है।

यूरोप यात्रा का खर्च उठाने का आरोप

आईएएस योगेश कुमार सागर पर आरोप है कि उन्होंने रिशु श्री के खर्च पर अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ यूरोप की यात्रा की। जांच रिपोर्ट के अनुसार जून 2024 में हुई इस यात्रा में ऑस्ट्रिया के कई शहरों का दौरा किया गया, जिस पर करीब 22 लाख रुपये खर्च हुए। बताया जा रहा है कि यात्रा की पूरी व्यवस्था कथित तौर पर रिशु श्री की ओर से कराई गई थी।

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अभिलाषा शर्मा पर महंगे उपहार लेने का आरोप

आईएएस अभिलाषा कुमारी शर्मा पर आरोप है कि उन्होंने अपने आवास की छत पर बागवानी और सौंदर्यीकरण का काम रिशु श्री के खर्च पर कराया। जांच रिपोर्ट में लगभग 9 लाख रुपये के खर्च का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा उन पर महंगे उपहार, आईफोन और अन्य सुविधाएं लेने के भी आरोप लगाए गए हैं।

जांच के घेरे में कई बड़े नाम

इस मामले में पहले से आईएएस संजीव हंस, इंजीनियर तारिणी दास, अधिकारी मुमुक्षु चौधरी और अन्य कई अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है। ईडी और एसवीयू की कार्रवाई में करोड़ों रुपये नकद और बड़ी मात्रा में संपत्तियों का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क कई विभागों तक फैला हो सकता है।

बढ़ सकता है जांच का दायरा

सूत्रों के मुताबिक भवन निर्माण विभाग, नगर विकास विभाग, बुडको, बीएमएसआईसीएल और पुल निर्माण निगम सहित कई सरकारी संस्थाओं में कार्यरत रहे अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एक दर्जन से अधिक अधिकारियों और इंजीनियरों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।

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भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश

बिहार में सरकारी ठेकों से जुड़े इस मामले को हाल के वर्षों के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जा रहा है। दो आईएएस अधिकारियों के निलंबन के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला है कि जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Location :  Patna

Published :  31 May 2026, 11:10 AM IST

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