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भरत तिवारी एनकाउंटर में बड़ा मोड़ (Img- Envato)
Bhojpur: बिहार को हिला देने वाले बहुचर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस में आखिरकार कानून का पहला और बड़ा शिकंजा कस ही गया। जिस बेटे को खोकर एक मां न्याय की गुहार लगा रही थी, उसके आंसुओं का असर अब साफ दिखने लगा है।
भरत तिवारी पर गोलियां बरसाने वाले एसटीएफ (STF) के जवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह वही जवान है जिस पर भरत की पीड़ित मां ने सीधे तौर पर हत्या का गंभीर आरोप लगाया था। इस गिरफ्तारी ने साफ कर दिया है कि खाकी की आड़ में मनमानी करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।
इस पूरे मामले में असली मोड़ तब आया जब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद संवेदनशीलता दिखाते हुए भरत तिवारी के पीड़ित परिवार को पटना बुलाया। परिजनों का दर्द सुनने के बाद सरकार ने बिना देर किए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए।
एनकाउंटर के वक्त जगदीशपुर के एसडीपीओ रहे राजेश कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया। इतना ही नहीं, संदिग्ध भूमिका के चलते जगदीशपुर के तात्कालिक एसडीओ संजीत कुमार को भी पद से हटाकर सामान्य प्रशासन विभाग में अटैच कर दिया गया है।
भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद से ही केवल विपक्षी दल ही नहीं, बल्कि खुद सत्ता पक्ष के कई नेता भी पुलिस की इस कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठा रहे थे। सोशल मीडिया पर 'जस्टिस फॉर भरत तिवारी' का अभियान चल पड़ा था। लोगों का साफ कहना था कि एनकाउंटर के नाम पर किसी की जान लेना कानून का तरीका नहीं हो सकता।
अब जब ट्रिगर दबाने वाला एसटीएफ जवान खुद पुलिस हिरासत में आ चुका है, तो इस फर्जीवाड़े की परतें धीरे-धीरे उधड़ने लगी हैं। पुलिस अधिकारी उससे गहन पूछताछ कर रहे हैं। माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी के बाद एनकाउंटर की पटकथा लिखने वाले कुछ और बड़े चेहरों का बेनकाब होना तय है।
Location : Bhojpur
Published : 31 July 2026, 9:58 AM IST