पश्चिमी चंपारण में बाघ का आतंक: 24 घंटे में दो लोगों की मौत से मचा हड़कंप, दहशत में ग्रामीण

पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे गांवों में बाघ के हमलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 24 घंटे में हुई दो मौतों के बाद ग्रामीणों में डर का माहौल है। खेतों और जंगल किनारे जाने से लोग बच रहे हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 31 July 2026, 6:35 PM IST
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Bagaha: पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) से सटे इलाकों में इन दिनों बाघ का डर लोगों के बीच तेजी से बढ़ रहा है। महज 24 घंटे के अंदर बाघ के दो हमलों में एक महिला और एक बुजुर्ग की मौत हो गई। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है और अब लोग जंगल से सटे इलाकों में कदम रखने से भी डर रहे हैं।

गन्ने के खेत में घात लगाए बैठा था बाघ

बगहा के नौरंगिया थाना क्षेत्र के मिश्रौलिया रेता गांव में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां 35 वर्षीय रमावती देवी की बाघ के हमले में मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह सुबह गन्ने के खेत में गई थीं। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे बाघ ने अचानक हमला कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार बाघ ने महिला को पकड़ लिया और कुछ दूरी तक घसीटता हुआ ले गया। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाकर बाघ को भगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।

वन विभाग की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की और शव को कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी की। मदनपुर रेंजर नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि बाघ की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अकेले खेतों और जंगल से जुड़े इलाकों में जाने से बचें।

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बुजुर्ग ने इलाज के दौरान तोड़ा दम

बाघ के हमले की यह लगातार दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले गुरुवार को वाल्मीकिनगर रेंज के वन क्षेत्र में बकरी चरा रहे 62 वर्षीय अकलू यादव पर बाघ ने हमला कर दिया था। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए गोरखपुर भेजा गया, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई।

दो दिनों में हुई इन घटनाओं के बाद VTR से जुड़े गांवों में डर का माहौल और गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल से सटे इलाकों में पहले भी बाघों की आवाजाही देखी जाती रही है, लेकिन अब खतरा बढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

खेतों में जाने से कतरा रहे किसान

बाघ के लगातार हमलों के बाद कई गांवों में लोगों ने अपनी दिनचर्या बदलनी शुरू कर दी है। किसान अब अकेले खेतों में जाने से बच रहे हैं और कई लोग समूह बनाकर काम करने निकल रहे हैं। खासकर गन्ने के खेतों और जंगल के आसपास रहने वाले परिवारों में डर ज्यादा दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित इलाकों में गश्त बढ़ाई जाए और बाघ की निगरानी के लिए विशेष टीम तैनात की जाए। लोगों का कहना है कि समय रहते ठोस कदम उठाना जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।

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वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

वन विभाग की टीमें इलाके में लगातार गश्त कर रही हैं और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विभाग की ओर से बाघ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने की तैयारी भी की जा रही है। फिलहाल VTR से सटे गांवों में सन्नाटा और डर दोनों दिखाई दे रहे हैं। लोग वन विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं, वहीं प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

Location :  Bagaha

Published :  31 July 2026, 6:35 PM IST

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