सरहद पार जिंदा है शहीद भगत सिंह की यादें: पाकिस्तानी भाइयों ने सहेज कर रखा उनका घर, वीडियो हुआ Viral

पाकिस्तान में स्थित शहीद भगत सिंह के पुश्तैनी घर का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें टूर गाइड ने चारपाई पर बैठे भगत सिंह की ऐतिहासिक तस्वीर का सच बताते हुए स्पष्ट किया कि सामने बैठे व्यक्ति उनके पिता नहीं, बल्कि सीआईडी इंस्पेक्टर पन्नू थे।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 27 June 2026, 2:27 PM IST
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New Delhi: भारत की आजादी के महानायक और महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह को आज भी हर भारतीय बड़े गर्व और सम्मान से याद करता है। उनसे जुड़े इतिहास और वीरता की गाथाएं हम बचपन से पढ़ते आ रहे हैं।

इस बीच, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पाकिस्तान के एक टूर गाइड ने भगत सिंह के पुश्तैनी घर का दीदार कराया है। इस वीडियो में गाइड ने भगत सिंह के घर में लगी उनकी कुछ ऐतिहासिक तस्वीरों के पीछे का असली इतिहास बताते हुए इंटरनेट पर फैले कई बड़े भ्रमों को दूर किया है।

विभाजन के बाद अब पाकिस्तान में है भगत सिंह का जन्मस्थान

शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 को अविभाजित भारत के लायलपुर जिले के बंगा गांव में हुआ था, जो कि वर्तमान में पाकिस्तान का फैसलाबाद जिला है। देश की आजादी के लिए लड़ते हुए उन्होंने मात्र 23 साल की उम्र में 23 मार्च 1931 को लाहौर सेंट्रल जेल में हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था।

इतनी कम उम्र में देश के लिए अपनी शहादत देकर भगत सिंह हमेशा के लिए अमर हो गए। पाकिस्तान में स्थित उनके इस ऐतिहासिक जन्मस्थान वाले घर को वहां के कुछ जागरूक और समझदार नागरिकों ने आज भी बिल्कुल सही-सलामत और सहेज कर रखा हुआ है।

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चारपाई वाली ऐतिहासिक तस्वीर का खुला असली सच

भगत सिंह के इस पुश्तैनी घर की दीवारों पर उनके संघर्ष के दिनों, उनके परिवार वालों और क्रांतिकारी दोस्तों की कई दुर्लभ तस्वीरें लगाई गई हैं। इस दौरान टूर गाइड ने सोशल मीडिया पर अक्सर गलत संदर्भों में शेयर की जाने वाली एक बेहद प्रसिद्ध तस्वीर का सच उजागर किया। तस्वीर में भगत सिंह एक चारपाई पर बैठे नजर आते हैं और उनके सामने सफेद कुर्ते में एक व्यक्ति बैठा है।

 

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गाइड ने बताया कि यह तस्वीर लाहौर के अनारकली पुलिस स्टेशन की असली फोटो है। तस्वीर में भगत सिंह के हाथों में बेड़ियां साफ देखी जा सकती हैं और वहां उनसे तफतीश (पूछताछ) की जा रही थी।

पिता नहीं, बल्कि सीआईडी इंस्पेक्टर पन्नू थे सामने बैठे शख्स

पाकिस्तानी टूर गाइड ने इंटरनेट पर फैले भ्रम को दूर करते हुए बताया, "कई लोगों और सोशल मीडिया पोस्ट्स में यह दावा किया जाता है कि इस तस्वीर में भगत सिंह अपने पिता से मिल रहे हैं। लेकिन यह पूरी तरह गलत है।

वास्तव में भगत सिंह के सामने बैठे वो व्यक्ति सीआईडी (CID) इंस्पेक्टर पन्नू साहब हैं, जो भगत सिंह से कह रहे थे कि 'मान जा, यह सब मत कर'।" इसके साथ ही गाइड ने एक और ऐतिहासिक फैक्ट साझा करते हुए बताया कि भगत सिंह ने जेल में रहते हुए अपने अधिकारों के लिए दुनिया की सबसे लंबी 116 दिनों की ऐतिहासिक भूख हड़ताल की थी।

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भारत-पाकिस्तान के सोशल मीडिया यूजर्स ने जताया आभार

इस ज्ञानवर्धक वीडियो को इंस्टाग्राम पर '@sharan.5167' नाम के यूजर ने पोस्ट किया है, जिसे भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के लोगों से भरपूर प्यार और सम्मान मिल रहा है। वीडियो पर कमेंट करते हुए एक भारतीय यूजर ने लिखा, 'भगत सिंह जैसा दलेर कोई दूसरा नहीं हुआ।'

वहीं एक अन्य यूजर ने भावुक होकर लिखा, 'मुझे उन पाकिस्तानी भाइयों पर गर्व है जिन्होंने भगत सिंह की ऐतिहासिक विरासत और संस्कृति को इतना संभाल कर रखा है।' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'हम आज आजाद हवा में सांस ले रहे हैं क्योंकि किसी वीर ने गुलामी के बजाय फांसी का फंदा चुनना बेहतर समझा। हिंदुस्तान जिंदाबाद!'

Location :  New Delhi

Published :  27 June 2026, 2:27 PM IST

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