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डीडीयू जंक्शन पर आरपीएफ की सतर्कता से एक गंभीर मामला सामने आया। ट्रेन के पहुंचते ही की गई जांच में कई मासूम सुरक्षित किए गए और एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
Chandauli: जनपद के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (डीडीयू) जंक्शन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने बाल मजदूरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। आरपीएफ ने संयुक्त टीम के साथ रेस्क्यू अभियान चलाकर पांच नाबालिग बच्चों को बाल तस्करी से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई ट्रेन संख्या 12487 सीमांचल एक्सप्रेस के डीडीयू जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या 6 पर पहुंचते ही की गई।
यह रेस्क्यू अभियान आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार रावत के नेतृत्व में चलाया गया। ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही आरपीएफ टीम ने संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए सघन चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक व्यक्ति बच्चों के साथ संदिग्ध अवस्था में पाया गया, जिससे पूछताछ करने पर मामला बाल तस्करी का निकला।
आरपीएफ टीम ने मौके से पांच नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। सभी बच्चे नाबालिग हैं और उन्हें मजदूरी कराने के उद्देश्य से दूसरे राज्य ले जाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बच्चों को दिल्ली ले जाकर उस्मानपुर क्षेत्र में स्थित एक बिंदी बनाने वाली कंपनी में काम कराने की योजना थी।
रेस्क्यू के दौरान आरपीएफ ने 40 वर्षीय बाल तस्कर माजिद को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बच्चों को काम दिलाने के बहाने दिल्ली ले जा रहा था। सभी रेस्क्यू किए गए नाबालिग बच्चे एवं आरोपी माजिद अररिया जनपद, बिहार के निवासी बताए जा रहे हैं।
आरपीएफ द्वारा आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी माजिद को मुगलसराय कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। वहीं रेस्क्यू किए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।