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दिल्ली में महायुद्ध का बड़ा असर
New Delhi: मिडिल ईस्ट में जंग के बादल फिलहाल थमते नजर नहीं आ रहे हैं। वहां जितना गोला-बारूद बरस रहा है, उससे कहीं ज्यादा अफरातफरी का माहौल भारत में देखने को मिल रहा है। तमाम कयासों के विपरीत यह संघर्ष हर दिन और भीषण होता जा रहा है। इस जंग का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ रहा है।
इसी बीच मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज से ‘नंदा देवी’ नामक जहाज 47 हजार मीट्रिक टन एलपीजी गैस लेकर भारत पहुंच चुका है। वहीं, एक दिन पहले 45 हजार मीट्रिक टन रसोई गैस से लदा ‘शिवालिक’ जहाज सुरक्षित रूप से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा। इसके अलावा ‘जग लाडकी’ नाम का एक अन्य जहाज भी भारत की ओर आ रहा है।
हालांकि, कई शहरों में गैस को लेकर घबराहट का माहौल बना हुआ है। कुछ स्थानों पर होटल बंद हो गए हैं और खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ने लगे हैं। सरकार का कहना है कि लंबी कतारों की एक बड़ी वजह जमाखोरी है। कुछ लोगों ने अफवाह फैलाकर स्थिति को और बिगाड़ने की कोशिश की है, जिसके चलते लोग बिना पुष्टि के गैस के लिए लाइन में लग रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि देश में एलपीजी का कोई वास्तविक संकट नहीं है और सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यदि उपभोक्ता नियमों का पालन करें, तो सभी को समय पर सिलेंडर मिल सकता है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में गैस की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि हालात चुनौतीपूर्ण जरूर हैं, लेकिन सप्लाई को सामान्य बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
इसके बावजूद देश के लोगों का धैर्य सराहनीय है, जो कठिनाइयों के बीच भी सरकार से सकारात्मक उम्मीद लगाए हुए हैं। एलपीजी आपूर्ति को लेकर हालिया कदमों से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन इसका असर आम लोगों तक किस हद तक पहुंचेगा, यह आने वाला समय ही बताएगा।
Location : New Delhi
Published : 17 March 2026, 8:59 PM IST