हिंदी
प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: गूगल)
Balrampur: हरिहरगंज मार्ग पर मौत बनकर दौड़े एक अनियंत्रित ट्रक ने ना केवल एक महिला की जिंदगी छीन ली, बल्कि एक हंसते-खेलते परिवार की नींव हिला दी। भीखपुर निवासी रसूल गुलाम अपनी पत्नी शाकरून के साथ बाइक से निकले तो थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि रास्ते में घात लगाए बैठा काल उनका इंतजार कर रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
लौकहवा गांव के करीब ललिया की ओर से आ रहे सीमेंट की चादरों से लदे ट्रक ने रफ़्तार के उन्माद में बाइक को ऐसी टक्कर मारी कि ट्रक पर लदा भारी भरकम सीमेंट की चादरें दंपती पर ही काल बनकर गिर पड़ी। सीमेंट की चादरों के भारी वजन और नुकीले किनारों ने शाकरून को संभलने तक का मौका नहीं दिया और मौके पर ही दम तोड़ दिया।
सोनभद्र में महंगाई के खिलाफ समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन, गैस सिलेंडर कीमतों पर सरकार को घेरा
एक चिराग को बुझने से बचा लिया
सड़क पर बिखरा खून और बिखरी हुई सीमेंट की चादरें उस भयावह मंजर की गवाही दे रही थी, जिसे देख चश्मदीदों की रूह कांप उठी। चीख-पुकार के बीच जब मानवता सिसक रही थी, तब एम्बुलेंस सेवा के ईएमटी सचिन पांडेय और पायलट अजय शुक्ला ने उम्मीद की नई किरण जगाई। गंभीर रूप से घायल और सांसों के लिए जद्दोजहद कर रहे रसूल गुलाम को इन कर्मियों ने तत्काल ऑक्सीजन सपोर्ट देकर मौत के मुंह से बाहर खींचने की कोशिश की। उनकी तत्काल सूझबूझ ने कम से कम एक चिराग को बुझने से बचा लिया।
बाराबंकी में ड्रग माफिया अज्जन पर बड़ी कार्रवाई, 6 करोड़ की संपत्ति कुर्क; जानें क्या है पूरा मामला
घर में मातम छाया
हादसे के बाद चालक तो फरार हो गया, लेकिन पीछे छोड़ गया चीखते हुए परिजन और एक अधूरा घर। भीखपुर गांव में जैसे ही शाकरून की मौत की खबर पहुंची, सन्नाटा पसर गया। घर की दहलीज पर परिजनों का विलाप कलेजा चीरने वाला है। एक ओर जहां शाकरून को खोने का गम है। वहीं दूसरी ओर जिला मेमोरियल अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे रसूल गुलाम की सलामती के लिए दुआओं का दौर जारी है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है, लेकिन स्थानीय लोगों का आक्रोश कम होने का नाम नहीं ले रहा। ग्रामीणों का साफ कहना है कि इस मार्ग पर बेखौफ दौड़ते भारी वाहन आए दिन लोगों की जान ले रहे हैं, लेकिन प्रशासन की चुप्पी टूटने का नाम नहीं ले रही।
Location : Balrampur
Published : 3 May 2026, 4:51 PM IST