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नैनीताल के राजकीय मेडिकल कॉलेज के नर्सिंग छात्रावास में व्यावसायिक गैस सिलिंडर की कमी के बीच मेस संचालक ने ब्लोअर से लकड़ी का चूल्हा तैयार किया है। इस अनोखी व्यवस्था से कम समय में तेज आंच पर भोजन तैयार किया जा रहा है, जबकि एमबीबीएस और पीजी मेस में सिलिंडर नहीं पहुंचे हैं।
चूल्हे पर बनता भोजन
नैनीताल: राजकीय मेडिकल कालेज के नर्सिंग छात्रावास की मेस में व्यावसायिक गैस सिलिंडर की अनुपलब्धता ने मेस संचालकों और छात्र दोनों के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस समस्या के बीच मेस संचालक ने एक अनोखा समाधान ढूंढ निकाला है। उन्होंने ब्लोअर की मदद से लकड़ी का चूल्हा तैयार किया है, जो गैस सिलिंडर की तरह तेज आंच देता है।
इस चूल्हे में ब्लोअर की लगातार हवा पहुँचने से लकड़ी जलकर तीव्र आंच पैदा करती है, जिससे कम समय में भोजन तैयार हो जाता है। इसमें केवल छोटे लकड़ी के टुकड़े ही पर्याप्त हैं और लंबी लकड़ी की आवश्यकता नहीं पड़ती।
इसी बीच मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित एमबीबीएस और पीजी विद्यार्थियों की मेस में भी शनिवार को व्यावसायिक सिलिंडर नहीं पहुंचे। यह स्थिति उस समय सामने आई है जब अधिकारियों का दावा है कि शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को सिलिंडर प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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मेस संचालक कन्हैया सिंह राजपूत ने बताया कि वे लकड़ी के चूल्हे और डीजल बर्नर का उपयोग करके भोजन तैयार कर रहे हैं, लेकिन इससे छात्र छात्राओं के लिए रोटी बनाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
हल्द्वानी में व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति ठप होने के कारण सुशीला तिवारी अस्पताल में मरीजों के भोजन के लिए संकट पैदा हो गया है। यहां संचालक ने सार्वजनिक कैंटीन बंद कर दी है। मेडिकल कॉलेज में मेस चलाने के लिए गैस सिलिंडर नहीं हैं। यहां संचालक की ओर से लकड़ी खरीदकर छात्रों के लिए खाना बनाया जा रहा है।