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गौला नदी का रौद्र रुप
Lalkuan: पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बरसात के चलते इन दिनों गौला नदी उफान पर है, जिसने बिंदुखत्ता क्षेत्र में जबरदस्त भू-कटाव किया है। अब तक दर्जनों एकड़ जमीन बिंदुखत्ता की गौला नदी में समा चुकी है, जिससे कई कृषकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
साथ ही बरसात से बचाव के लिए नदी में बनाए गए तमाम तटबन्ध और चेक डैम भी बह गए हैं, आज बिंदुखत्ता के ग्रामीणों ने तराई पूर्वी वन प्रभाग के गौला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी एवं वन विभाग की टीम के साथ गौला नदी के तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए नुकसान का जायजा लिया।
पिछले एक सप्ताह से गौला नदी में पानी का जलस्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। हालत यह है कि गौला नदी का पूरा प्रवाह बिंदुखत्ता की ओर को हो गया है, जिससे तमाम विभागीय तटबन्ध एवं चेक डामों को क्षतिग्रस्त करते हुए बिंदुखत्ता की जमीनों को काटना शुरु कर दिया है। अब तक इंदिरानगर द्वितीय गब्दा, संजयनगर, रावतनगर, देवी मंदिर समेत श्रीलंका टापू की ओर को भी भारी भू-कटाव कर दिया है। आशंकित ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक डॉ मोहन सिंह बिष्ट से भेंट करने के साथ-साथ अब वन विभाग के उच्च अधिकारियों से भी गुहार लगानी शुरू कर दी है, इसी के तहत आज वरिष्ठ समाजसेवी कुंदन सिंह मेहता के साथ कई ग्रामीण प्रतिनिधियों ने गौला नदी का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर गौला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी को भी मौके पर बुलाया गया तथा उन्होंने भी नुकसान का जायजा लिया। इस अवसर पर गौला रेंज के वन दरोगा शंकर पनेरु, सुखबीर कौर, वनरक्षकों में भुवन फर्त्याल, बलवंत सिंह, दीपक भंडारी और वर्षा देवी सुमित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
इस मौके पर वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी ने कहा कि आज उन्होंने गौला नदी के तटीय क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण किया है, भू कटाव से ग्रामीणों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसका आकलन करते हुए प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को प्रेषित किया जा रहा है
Location : Uttarakhand
Published : 18 August 2025, 3:00 AM IST
Topics : forest inspector Gaula river inspection Rain uttarakhand