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गोरखपुर में मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने अपने कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने रिकॉर्ड रूम, न्यायालय शाखा और विभिन्न विभागों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को रिकॉर्ड प्रबंधन, साफ-सफाई और लंबित मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
गोरखपुर के मंडलायुक्त अनिल ढींगरा अपने ही दफ्तर की जांच करने पहुंचे
Gorakhpur: गोरखपुर में प्रशासनिक व्यवस्था की हकीकत परखने के लिए मंडलायुक्त अनिल ढींगरा अचानक अपने ही कार्यालय पहुंच गए। औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने रिकॉर्ड रूम से लेकर न्यायालय शाखा तक फाइलों और अभिलेखों की स्थिति देखी। कई शाखाओं का बारीकी से जायजा लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी दस्तावेजों के रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कार्यालय का किया औचक निरीक्षण
मंगलवार को मंडलायुक्त अनिल ढींगरा ने मंडलायुक्त कार्यालय का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय रिकॉर्ड रूम, अपर आयुक्त न्यायालय, संयुक्त कार्यालय और विभिन्न शाखाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने फाइलों के रखरखाव, अभिलेख प्रबंधन और साफ-सफाई की व्यवस्था को देखा और अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिकॉर्ड व्यवस्था को और अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जाए।
रिकॉर्ड प्रबंधन को बेहतर बनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने विभिन्न शाखाओं में रखी फाइलों की स्थिति देखी और अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी महत्वपूर्ण अभिलेखों को व्यवस्थित तरीके से सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और तेजी बनाए रखने के लिए बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन बेहद जरूरी है। यदि फाइलें सही तरीके से व्यवस्थित रहेंगी तो जरूरत पड़ने पर संबंधित दस्तावेज तुरंत उपलब्ध हो सकेंगे और कार्यों के निस्तारण में देरी नहीं होगी।
केंद्रीय रिकॉर्ड रूम का लिया जायजा
मंडलायुक्त ने केंद्रीय रिकॉर्ड रूम का भी बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को पुराने अभिलेखों को सुरक्षित और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। साथ ही रिकॉर्ड रूम में साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्क रहने को कहा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी अभिलेख बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज होते हैं, इसलिए इनके संरक्षण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर
इसके बाद मंडलायुक्त ने अपर आयुक्त न्यायालय और संयुक्त कार्यालय का निरीक्षण किया और लंबित मामलों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायालय से जुड़े मामलों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। मंडलायुक्त ने कहा कि न्यायिक मामलों में अनावश्यक देरी से आम जनता को परेशानी होती है, इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ करें।
साफ-सफाई और अनुशासन पर भी दिया जोर
निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर की साफ-सफाई और व्यवस्था का भी जायजा लिया। कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कार्यालय परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखें। स्वच्छ वातावरण से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ती है और कार्यालय आने वाले लोगों पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मंडलायुक्त ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अनुशासन और समयबद्धता का पालन करने की भी हिदायत दी।
ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त प्रशासन जय प्रकाश, अपर आयुक्त न्यायिक अजय राय और अपर आयुक्त न्यायिक राजेश श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मंडलायुक्त को विभिन्न शाखाओं की कार्यप्रणाली और अभिलेखों के रखरखाव की जानकारी दी। अंत में मंडलायुक्त ने कार्यालय व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर आंतरिक समीक्षा करने के निर्देश भी दिए।