US Iran Talks: पाकिस्तान की मध्यस्थता में फिर शुरू होगी अमेरिका-ईरान वार्ता, क्या खत्म होगा अब तनाव?

अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई बातचीत पाकिस्तान की मध्यस्थता में फिर शुरू होने जा रही है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुका है। परोक्ष वार्ता के जरिए दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिश तेज हो गई है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 25 April 2026, 8:12 AM IST
google-preferred

New Delhi: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से ठप पड़ी बातचीत को फिर से शुरू करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। पाकिस्तान की मध्यस्थता में होने वाली इस वार्ता के लिए ईरान का प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच चुका है। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं। उनके साथ वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भी शामिल है, जो क्षेत्रीय तनाव को कम करने के उद्देश्य से बातचीत करेगी।

पाकिस्तान निभा रहा अहम भूमिका

पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में एक अहम मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि अराघची अपने दौरे के दौरान पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में क्षेत्रीय सुरक्षा, कूटनीतिक समाधान और युद्ध जैसे हालात को टालने पर चर्चा हो सकती है। पाकिस्तान पहले भी इस तरह के संवेदनशील मुद्दों में मध्यस्थता की कोशिश करता रहा है।

ईरान ने सीधी बातचीत से किया इनकार

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ सीधे तौर पर बातचीत नहीं करेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि कोई भी संवाद पाकिस्तान के जरिए ही होगा। यानी दोनों देशों के बीच बातचीत परोक्ष रूप से आगे बढ़ेगी। ईरान का कहना है कि वह अपने प्रस्ताव पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचाएगा, जिससे बातचीत का रास्ता खुला रह सके।

अमेरिका-भारत संबंधों पर ट्रंप के पोस्ट से तनाव, विदेश मंत्रालय ने बयान को अनुचित कहा, ईरान ने किया तंज

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल भी पहुंचेगा

दूसरी ओर, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भी जल्द इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारी और विशेष दूत इस वार्ता में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस बार अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सीधे तौर पर मौजूद नहीं होंगे, लेकिन वे वाशिंगटन से इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

ट्रंप ने दी सख्त शर्तों की झलक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान एक प्रस्ताव तैयार कर रहा है, जिसे अमेरिका के सामने रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव की समीक्षा के बाद ही आगे की रणनीति तय होगी। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर रियायत देनी होगी और तेल आपूर्ति मार्गों को सुरक्षित रखना होगा।

यूएस-ईरान तनाव के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट, आईटी शेयरों में बिकवाली

समझौते तक जारी रहेगी सख्ती

ट्रंप प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, तब तक ईरान पर दबाव जारी रहेगा। इसमें आर्थिक और सैन्य स्तर पर उठाए गए कदम भी शामिल हैं। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि बातचीत का उद्देश्य केवल तनाव कम करना नहीं, बल्कि स्थायी समाधान निकालना है।

Location :  New Delhi

Published :  25 April 2026, 8:12 AM IST

Advertisement