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नैनीताल में घटते पर्यटन को लेकर होटल व्यवसायियों में चिंता बढ़ गई है। होटल एसोसिएशन ने प्रशासन की नीतियों, ट्रैफिक प्लान, बढ़े टोल टैक्स और महंगी पार्किंग को पर्यटन गिरावट का कारण बताया। एसोसिएशन ने भ्रमित करने वाली जानकारियों पर भी सवाल उठाए और सुधार की मांग की।
नैनीताल में पर्यटन में गिरावट
Nainital: नैनीताल में पर्यटन लगातार घट रहा है और इससे होटल उद्योग में गंभीर चिंता पैदा हो गई है। होटल एसोसिएशन का कहना है कि पुलिस प्रशासन की कुछ नीतियों और नियमों के कारण पर्यटक शहर आने से पीछे हट रहे हैं। ट्रैफिक प्लान, बढ़ा हुआ टोल टैक्स और महंगी पार्किंग ने यात्रा कठिन बना दी है, जिससे होटल व्यवसाय और स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, प्रशासन द्वारा फैलाई गई गलत जानकारी भी पर्यटकों को भ्रमित कर रही है।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह बिष्ट ने प्रेस वार्ता में कहा कि पिछले कई सालों से नैनीताल में पर्यटकों की संख्या लगातार घट रही है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर यह संदेश फैलाया जा रहा है कि केवल होटल बुकिंग वाले पर्यटक ही नैनीताल आ सकते हैं। यह पूरी तरह गलत है और इसके कारण बिना बुकिंग आए पर्यटक भ्रमित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भ्रमित होकर कुछ पर्यटक नैनीताल आने का प्लान बदलकर अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जा रहे हैं, जिससे होटल और पर्यटन व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है। बिष्ट ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि ट्रैफिक नियमों और पार्किंग शुल्क में आवश्यक सुधार किया जाए और भ्रमित करने वाली जानकारियों को तुरंत साफ किया जाए।
होटल एसोसिएशन का मानना है कि अगर समय रहते इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले पर्यटन सीजन में शहर की पर्यटन अर्थव्यवस्था और स्थानीय कारोबार और ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं।
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दिग्विजय बिष्ट ने कहा कि एक ओर सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर पुलिस ट्रैफिक व्यवस्था तक नहीं संभाल पा रही है. जिससे शहर में होटल खाली पड़े हैं और कारोबार ठप होता जा रहा है। उन्होंने मांग की कि किसी भी प्रकार का ट्रैफिक प्लान लागू करने से पहले सरकार और पुलिस को सभी स्टेकहोल्डर्स से वार्ता करनी चाहिए, ताकि पर्यटन कारोबार पर इसका नकारात्मक असर न पड़े।
होटल एसोसिएशन अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मांग की कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन कारोबारियों के साथ एक व्यापक बैठक आयोजित की जाए, ताकि जमीनी समस्याओं का समाधान निकल सके। साथ ही उन्होंने अवैध रूप से संचालित होटलों, गेस्ट हाउस और होम-स्टे पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
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उन्होंने बताया कि नैनीताल में करीब 400 होटल, गेस्ट हाउस और होम-स्टे पर्यटन विभाग में पंजीकृत हैं, जबकि इसके अलावा कई अवैध प्रापर्टियां संचालित हो रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि होटल एसोसिएशन को विश्वास में लिए बिना कोई नया ट्रैफिक प्लान लागू किया गया, तो उसका विरोध किया जाएगा।