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हल्द्वानी MBPG कॉलेज में मार्कशीट विवाद, जियोलॉजी और कॉमर्स विभाग में बड़ी संख्या में छात्र फेल, छात्रों ने प्रिंसिपल ऑफिस पर प्रदर्शन किया और री-चेकिंग की मांग की। पढ़िये पूरा मामला
हल्द्वानी MBPG कॉलेज में फेल छात्रों का बवाल
Haldwani: उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित MBPG कॉलेज में तीसरे और पांचवें सेमेस्टर की मार्कशीट जारी होने के बाद छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव उत्पन्न हो गया। छात्रों का आरोप है कि जियोलॉजी और कॉमर्स विभाग में असामान्य रूप से बड़ी संख्या में छात्र फेल कर दिए गए हैं, जिससे उनका पूरा साल प्रभावित होगा। नाराज छात्रों ने प्रिंसिपल कार्यालय की दूसरी मंज़िल पर चढ़कर विरोध जताया।
छात्र करण डोभाल ने बताया कि पांचवें सेमेस्टर में फेल हुए छात्रों को अगली परीक्षा तक पूरे एक साल का इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि पहले ‘A’ ग्रेड वाले छात्र अचानक फेल कैसे हो गए। जियोलॉजी विभाग की स्थिति सबसे गंभीर है, जहां कई छात्रों को बिना स्पष्ट कारण के फेल घोषित किया गया।
कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. नरेंद्र सिंह बनकोटी ने बताया कि जियोलॉजी और कॉमर्स के इनकम टैक्स पेपर में लगभग 40 प्रतिशत छात्र असफल हुए हैं। यह जानकारी पहले ही कुमाऊँ यूनिवर्सिटी को भेजी जा चुकी है। प्रिंसिपल ने कहा कि स्थिति को शांत करने के लिए प्रशासन प्रयासरत है और जो छात्र प्रिंसिपल ऑफिस की छत पर गए थे उन्हें नीचे उतार लिया गया।
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छात्रों ने कॉपियों की री-चेकिंग की मांग रखी है। उनका कहना है कि जब तक मूल्यांकन दोबारा नहीं किया जाता, उनकी चिंता कम नहीं होगी। कई छात्र मानते हैं कि जिनके केवल एक-दो नंबर कम थे, उन्हें सीधे फेल कर देना उचित नहीं है। इस वजह से छात्रों ने खुलकर विरोध किया और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्रिंसिपल डॉ. बनकोटी ने साफ किया कि आगे का निर्णय कुमाऊँ यूनिवर्सिटी ही करेगी। कॉलेज प्रशासन फिलहाल छात्रों को शांत करने और स्थिति नियंत्रित करने में जुटा है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर उनका मूल्यांकन दोबारा नहीं किया गया, तो वे और बड़े प्रदर्शन पर उतर सकते हैं।
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इस विवाद से कॉलेज में छात्रों और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया है। कुछ छात्रों ने सोशल मीडिया पर भी अपने अनुभव साझा किए हैं। अब सभी की निगाहें यूनिवर्सिटी की जांच रिपोर्ट और मूल्यांकन के दोबारा करने पर टिकी हैं।