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Nainital News: नैनीताल जिले के बहुचर्चित बनभूलपुरा हिंसा प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे जावेद सिद्दीकी और अरशद अयूब ने आखिरकार अदालत का रुख करते हुए आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों आरोपी एडीजे प्रथम की अदालत में पेश हुए, जहां सुनवाई के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया गया। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के बाद हुई, जिसमें नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा दी गई डिफॉल्ट जमानत को खारिज कर दिया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा था कि दोनों आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष पेश होना होगा। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने उत्तराखंड सरकार की विशेष अनुमति याचिका पर यह फैसला सुनाया। राज्य सरकार ने दलील दी थी कि गंभीर आरोपों वाले इस मामले में जमानत उचित नहीं थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया।
यह पूरा मामला फरवरी 2024 की उस भयावह हिंसा से जुड़ा है, जब बनभूलपुरा क्षेत्र घंटों तक दंगों की आग में जलता रहा था। उपद्रवियों ने पुलिस टीम पर पथराव, गोलीबारी और पेट्रोल बम से हमला किया था। कई सरकारी वाहन आग के हवाले कर दिए गए थे और यहां तक आरोप है कि महिला पुलिसकर्मियों को थाने के भीतर बंद कर आग लगाने की कोशिश की गई थी। इस हिंसा के बाद यूएपीए, शस्त्र अधिनियम और आईपीसी की कई धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे।
इसी मामले में मुख्य साजिशकर्ता अब्दुल मलिक को 782 दिन जेल में रहने के बाद 16 अप्रैल को जमानत मिली थी। मलिक को 24 फरवरी 2024 को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था और तभी से वह न्यायिक हिरासत में था। अब जावेद और अरशद के सरेंडर के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया एक बार फिर तेज हो गई है।
Location : Nainital News
Published : 15 May 2026, 3:35 AM IST