Igas Bagwal: रुद्रप्रयाग में धूमधाम से मना लोक पर्व इगास बग्वाल, भेलो और लोक गीतों ने बांधा समां

उत्तराखंड का लोकपर्व इगास बग्वाल पूरे प्रदेश में शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में झुमैलो, जागर, मंडाण समेत विभिन्न लोक नृत्य और मंच पर स्थानीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। डीएम प्रतीक जैन ने भौलो खेला।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 2 November 2025, 2:15 PM IST
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Rudraprayag: जनपद में इगास का पर्व शनिवार को धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपरा और आस्था के प्रतीक लोक पर्व ईगास पर शनिवार को गुलाबराय क्रीड़ा मैदान में जिला प्रशासन ने भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री रुद्रप्रयाग सौरभ बहुगुणा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ सौरभ बहुगुणा ने दीप प्रज्वलन कर किया। उसके बाद उन्होंने पारंपरिक रूप से भैला जलाकर पर्व का शुभारंभ किया गया। सौरभ बहुगुणा ने स्वयं भैला नृत्य में सहभागिता कर स्थानीय जनमानस के साथ ईगास पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया।

उन्होंने सभी प्रदेशवासियों को ईगास की हार्दिक शुभकामनाएं दी और कहा कि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराएं और लोक पर्व हमारी पहचान हैं, जिन्हें संजोकर रखना हम सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि बाबा केदार जनपद को विकास के पथ पर यूं ही आगे बढ़ाए। उन्होंने कहा ही इस प्रकार के कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को हमारी संस्कृति के बारे में ज्ञात होता है तथा संस्कृति विलुप्त नहीं होगी।

प्रस्तुति देते लोक कलाकार

उन्होंने कहा कि ईगास जैसे उत्तराखंड के पर्वों को न केवल प्रदेश में बल्कि संपूर्ण देश में अलग पहचान देने का हमारा लक्ष्य है। उन्होंने कहा  कि पीएम  ने भी कहा कि अगला दशक उत्तराखंड का होगा।

डीएम ने स्थानीयों का जीता दिल

इस अवसर पर जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने अपने संबोधन की शुरुआत गढ़वाली भाषा में करते हुए कहा कि आज उत्तराखंड कु संस्कृति कु संगम ईगास पर्व च। आज अपनी पहाड़ी संस्कृति एवं लोक परंपरा ते याद करणों कु दिन च। आज का दिन मा अपनु पुर्खों की याद मा घर घर मा दीप जालोंण च। यू पर्व अपनु सामूहिक एकता, प्यार, अपनु संस्कार  अपनी पहचान कु दिन च। मैं बाबा केदार से प्रार्थना करदू कि बाबा सबू तै सुखी राजी खुशी रखया। उन्होंने सभी "दाना स्याणा, दीदी, भुली, मां, बैणी” को ईगास पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

लोक गीतों पर प्रस्तुति देती कलाकार

उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों को सुदृढ़ करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम में झुमैलो, जागर, मंडाण सहित विभिन्न लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को पूर्णतः उत्तराखंडी रंग में रंग दिया। मंच पर स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।

पारंपरिक लोक नृत्य और लोक गीतों का लुत्फ उठाते डीएम और अन्य लोग

ये है मान्यता

इगास पर्व उत्तराखंड का एक प्राचीन सांस्कृतिक पर्व है। कहा जाता है कि यह पर्व वीर भड़ माधो सिंह भंडारी से जुड़ा है. जब वे तिब्बत विजय के लिए गए थे और लौटे, तो पूरे उत्तराखंड में खुशी का माहौल फैल गया। तभी से इगास पर्व ग्रामीण जीवन और सामुदायिक एकता का प्रतीक बन गया। दूसरी मान्यता यह कि भगवान श्रीराम के वन से अयोध्या लौटने की खबर जब पर्वतीय इलाकों तक दिवाली के 11 दिन बाद पहुंची थी तो तब खुशी में दिवाली मनाई गई।

गुलाबराय क्रीड़ा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में विधायक रुद्रप्रयाग भरत चौधरी, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, दर्जा राज्य मंत्री आदि मौजूद थे।

Location : 
  • Rudraprayag

Published : 
  • 2 November 2025, 2:15 PM IST

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