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बैरिया थाना क्षेत्र के भीखाछपरा नई बस्ती (मूंज के डेरा) में रविवार रात हुई लूट की घटना को पुलिस द्वारा चोरी के रूप में दर्ज किए जाने के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक विपिन सिंह को निलंबित कर दिया है।
तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक विपिन सिंह निलंबित
Ballia: बैरिया थाना क्षेत्र के भीखाछपरा नई बस्ती (मूंज के डेरा) में रविवार रात हुई लूट की घटना को पुलिस द्वारा चोरी के रूप में दर्ज किए जाने के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. ओमवीर सिंह ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक विपिन सिंह को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है और मामले को लेकर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार, घटना के बाद प्रारंभिक स्तर पर मुकदमा चोरी की धाराओं में दर्ज किया गया था, जबकि पीड़ित परिवार लगातार इसे लूट की वारदात बता रहा था। मंगलवार देर शाम पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से विस्तृत बातचीत की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों से स्पष्ट हुआ कि मामला लूट का है, जिसके बाद उच्चाधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की।
बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक द्वारा विपिन सिंह का स्थानांतरण पहले ही चितबड़ागांव थाने के लिए किया जा चुका था। हालांकि, मामले की गंभीरता और गलत धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की पुष्टि होने के बाद निलंबन की कार्रवाई की गई। इस कदम को विभागीय जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीओ बैरिया मोहम्मद फहीम कुरैशी ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम घटना के खुलासे के लिए तेजी से काम कर रही है। संदिग्धों की पहचान की जा चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाया जाएगा और जल्द ही पूरे मामले का पर्दाफाश किया जाएगा।
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पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस प्रकरण के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि गंभीर अपराधों को हल्की धाराओं में दर्ज करने से न केवल जांच प्रभावित होती है, बल्कि पीड़ितों को न्याय मिलने में भी देरी होती है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराई न जाए, इसके लिए सख्त निर्देश जारी किए जा रहे हैं।
इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि अपराध के मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई तय है।