केदारनाथ यात्रा: बर्फबारी के बीच बाबा की डोली रवाना

केदारनाथ धाम की डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर से कैलाश के लिए रवाना हो गई है। 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे धाम के कपाट खुलेंगे। इस बार यात्रा बर्फबारी और कठिन रास्तों के बीच होगी। प्रशासन तैयारियों में जुटा है, जबकि श्रद्धालुओं में उत्साह और आस्था का माहौल है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 19 April 2026, 3:40 PM IST
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Uttarakhand: उत्तराखंड में आस्था का बड़ा उत्सव शुरू हो गया है। ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग केदारनाथ धाम की डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर से कैलाश के लिए रवाना हो गई है। यह यात्रा पंचउत्सव परंपरा के साथ शुरू हुई, जिसमें भक्तों और तीर्थ पुरोहितों की उपस्थिति में धार्मिक विधि-विधान पूरे किए गए।

डोली अब अपने पहले पड़ाव फाटा में रात्रि विश्राम करेगी। इसके बाद गौरीकुंड और फिर केदारनाथ धाम तक यात्रा पहुंचेगी। इस पूरी यात्रा को बेहद पवित्र और आध्यात्मिक माना जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।

22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट

इस वर्ष केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे ब्रह्म मुहूर्त में श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। खास बात यह है कि इस बार कपाट पिछले वर्ष की तुलना में करीब 15 दिन पहले खोले जा रहे हैं। पिछले साल कपाट 3 मई को खुले थे।

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कपाट खुलने के दौरान मंदिर परिसर में भव्य धार्मिक आयोजन होगा, जिसमें बद्री-केदार मंदिर समिति, तीर्थ पुरोहित, रावल और देश-विदेश से आए श्रद्धालु शामिल होंगे। ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चारण के बीच बाबा केदार के कपाट खोले जाएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल बन जाएगा।

बर्फबारी के बीच कठिन यात्रा

इस बार केदारनाथ यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आसान नहीं रहने वाली है। रामबाड़ा से लेकर केदारनाथ तक का रास्ता बर्फबारी और ग्लेशियरों से ढका हुआ है। लगातार बदलते मौसम ने प्रशासन और यात्रियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

जिला प्रशासन और मंदिर समिति लगातार ऋषिकेश, हरिद्वार से लेकर केदारनाथ तक व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं। सड़क, पार्किंग, पानी, बिजली और भोजन जैसी सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है, हालांकि कुछ जगहों पर गैस आपूर्ति की कमी से दिक्कतें बनी हुई हैं।

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वहीं केदार सभा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि बर्फबारी को शुभ संकेत माना जाता है और यह आस्था को और मजबूत करता है। तीर्थ पुरोहित सन्तोष त्रिवेदी और अन्य धार्मिक प्रतिनिधियों ने भी तैयारियों को लेकर संतोष जताया है।

श्रद्धा और परंपरा के बीच भव्य समापन की तैयारी

डोली यात्रा अपने अंतिम चरण में केदारनाथ पहुंचेगी, जहां विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कपाट खोले जाएंगे। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहेंगे। केदारनाथ धाम एक बार फिर भक्तों के जयकारों और मंत्रोच्चारण से गूंज उठेगा, जिससे चारधाम यात्रा की आध्यात्मिक शुरुआत होगी।

Location :  Uttarakhand

Published :  19 April 2026, 3:40 PM IST

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