पीलीभीत में बनेगा 200 एकड़ का बायो-फार्मा पार्क! योगी सरकार का बड़ा प्लान, वैक्सीन से इंसुलिन तक होगा उत्पादन

योगी सरकार पीलीभीत में 200 एकड़ जमीन पर बायो-फार्मा पार्क विकसित करने जा रही है। 951.79 एकड़ में बन रहे औद्योगिक क्षेत्र की यह परियोजना वैक्सीन, इंसुलिन और जीन थेरेपी के उत्पादन को बढ़ावा देगी। नेपाल सीमा की नजदीकी और बेहतर कनेक्टिविटी भी इसकी खासियत है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 3 November 2026, 8:22 PM IST
google-preferred

Lucknow: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए योगी सरकार ने एक और बड़ी योजना तैयार की है। अब पीलीभीत को बायो-फार्मा उद्योग के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। यहां 200 एकड़ जमीन पर आधुनिक बायो-फार्मा पार्क बनाया जाएगा, जहां वैक्सीन, इंसुलिन, जीन थेरेपी और मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज जैसी आधुनिक दवाओं के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। खास बात यह है कि यह परियोजना सिर्फ दवा बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके जरिए निवेश, अनुसंधान, नई तकनीक और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार करने की योजना है।

951.79 एकड़ में विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) पीलीभीत की अमरिया तहसील के भरा पचपेड़ा में 951.79 एकड़ भूमि पर आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर रहा है। इसी परियोजना में 200 एकड़ जमीन बायो-फार्मा पार्क के लिए चिह्नित की गई है।

उत्तर प्रदेश प्रमोट फार्मा काउंसिल के डायरेक्टर एवं विशेष विशेषज्ञ डॉ. जीएन सिंह के मुताबिक, सरकार चाहती है कि औद्योगिक विकास केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे और क्षेत्रीय इलाकों में भी निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हों। इसी सोच के तहत पीलीभीत में इस बड़े प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है।

ये भी पढ़ें- अयोध्या में दीपोत्सव पर सुरक्षा का कड़ा पहरा, 20 जोन और 53 सेक्टर में बंटेगा क्षेत्र; हजारों पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा

जमीन का कहां और कितना होगा इस्तेमाल?

भरा पचपेड़ा के औद्योगिक क्षेत्र में अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से जमीन निर्धारित की गई है।

575.79 एकड़ औद्योगिक भूखंडों के लिए।

60.98 एकड़ कॉमन फैसिलिटी के लिए।

109.23 एकड़ ग्रीन एरिया के लिए।

96.20 एकड़ सड़क नेटवर्क के लिए।

इसके अलावा आबादी क्षेत्र और अन्य श्रेणियों के लिए भी जमीन का प्रावधान किया गया है। फिलहाल औद्योगिक क्षेत्र में 14 भूखंड आवंटन के लिए उपलब्ध हैं। वहीं, 200 एकड़ में अलग से बायो-फार्मा पार्क विकसित किया जाएगा।

वैक्सीन, इंसुलिन और जीन थेरेपी का होगा निर्माण

इस बायो-फार्मा पार्क में आधुनिक दवाओं के उत्पादन पर खास ध्यान दिया जाएगा। यहां वैक्सीन, इंसुलिन, जीन थेरेपी और मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज के निर्माण से जुड़ी इकाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा। डॉ. जीएन सिंह के अनुसार, इन उत्पादों की आधुनिक चिकित्सा और गंभीर बीमारियों के उपचार में अहम भूमिका है। ऐसे में पार्क के विकसित होने से उत्तर प्रदेश में उच्च तकनीक वाली दवाओं के निर्माण की संभावनाएं बढ़ेंगी।

उन्होंने यह भी बताया कि पीलीभीत का तापमान और जलवायु बायो-फॉर्मूलेशन से जुड़ी गतिविधियों के लिए अनुकूल मानी जा रही है। जैविक दवाओं के निर्माण और भंडारण में तापमान का विशेष महत्व होता है। इस लिहाज से यहां की भौगोलिक परिस्थितियां उद्योग के लिए उपयोगी हो सकती हैं।

नेपाल सीमा की नजदीकी से मिलेगा फायदा

पीलीभीत की लोकेशन भी इस परियोजना के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यहां से नेपाल सीमा नजदीक है और रेलवे कनेक्टिविटी भी उपलब्ध है। इसके अलावा यह क्षेत्र बरेली और लखनऊ जैसे प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। भरा पचपेड़ा औद्योगिक क्षेत्र पीलीभीत शहर से करीब 36 किलोमीटर, बरेली से 100 किलोमीटर और लखनऊ व दिल्ली से लगभग 300 किलोमीटर दूर है। इससे कच्चे माल की आपूर्ति और तैयार उत्पादों के परिवहन में मदद मिलने की उम्मीद है। नेपाल सीमा के पास होने से भविष्य में निर्यात और क्षेत्रीय व्यापार की संभावनाएं भी बनेंगी।

ये भी पढ़ें- झांसी में पुलिस अधिकारियों की लगी क्लास! ADG अनुपम कुलश्रेष्ठ ने दिए सख्त निर्देश

युवाओं के लिए ट्रेनिंग और स्टार्टअप का भी प्लान

इस परियोजना की एक खास बात यह है कि सरकार यहां केवल फैक्ट्रियां लगाने की योजना नहीं बना रही है। बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कुशल लोगों को तैयार करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए बायोटेक्नोलॉजी टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट विकसित करने के साथ स्किल डेवलपमेंट और इंक्यूबेशन के लिए विशेष विंग स्थापित करने की योजना है। यहां युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण देने, नई तकनीकों के विकास और स्टार्टअप गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।

Location :  Lucknow

Published :  3 November 2026, 8:22 PM IST

Advertisement