महिलाओं की जिद के आगे शराबियों के छूटे पसीने, रात 10 बजे तक ठेके पर डटी रहीं, एक भी बूंद शराब नहीं बिकने दी

आगरा के आलोक नगर में रिहायशी इलाके के बीच खुले शराब ठेके के विरोध में महिलाओं ने भाजपा पार्षद रेनू गुप्ता के नेतृत्व में रात 10 बजे तक धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान शराब की एक भी बोतल नहीं बिकने दी गई। स्थानीय लोगों ने ठेका बंद करने या दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग की, जबकि आबकारी विभाग ने कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई का भरोसा दिया।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 31 July 2026, 12:37 PM IST
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Agra: आगरा में रिहायशी इलाके के बीच खुले शराब ठेके को लेकर ऐसा विरोध देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके का माहौल बदल दिया। गुरुवार को महिलाओं ने ठेके के सामने मोर्चा संभाल लिया और रात 10 बजे तक धरने पर डटी रहीं। हालात ऐसे रहे कि पूरे दिन शराब की एक भी बोतल नहीं बिक सकी। महिलाओं के तेवर देखकर शराब खरीदने पहुंचे लोग भी वापस लौट गए। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा, लेकिन प्रदर्शनकारी अपने फैसले पर अडिग रहीं।

आलोक नगर में महिलाओं ने खोला मोर्चा

मामला आगरा के आलोक नगर चौराहे का है, जहां नई आबकारी नीति के तहत रिहायशी इलाके में शराब का ठेका खोला गया है। ठेके के खुलते ही स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। गुरुवार को भाजपा पार्षद रेनू गुप्ता के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाओं और स्थानीय निवासियों ने ठेके के बाहर धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक ठेका बंद नहीं होगा या दूसरी जगह स्थानांतरित नहीं किया जाएगा, उनका विरोध जारी रहेगा। महिलाओं ने पूरे दिन ठेके के बाहर डेरा जमाए रखा, जिसके चलते शराब की बिक्री पूरी तरह ठप रही।

'मंदिर, स्कूल और ट्यूशन सेंटर के बीच कैसे खुल गया ठेका?'

प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि आलोक नगर एक पॉश और घनी आबादी वाला रिहायशी इलाका है। ठेके के आसपास पांच से अधिक मंदिर, कई स्कूल और बच्चों के ट्यूशन सेंटर संचालित हैं। ऐसे में यहां शराब की दुकान खोलना नियमों और सामाजिक मर्यादाओं के खिलाफ है। महिलाओं ने आरोप लगाया कि ठेका खुलने से इलाके का माहौल खराब होगा। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा। उनका कहना था कि शराब खरीदने आने वाले लोगों की वजह से परिवारों को असहज स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

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नई आबकारी नीति पर भी उठे सवाल

प्रदर्शन के दौरान स्थानीय लोगों ने नई आबकारी नीति पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप था कि शराब ठेकों और कम्पोजिट दुकानों के आवंटन में नियमों की अनदेखी की जा रही है। राजस्व बढ़ाने के लिए आबादी वाले क्षेत्रों में भी ठेके खोले जा रहे हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी बढ़ रही है। लोगों का कहना है कि प्रशासन को सिर्फ राजस्व नहीं, बल्कि स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और जनभावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए।

15 दिन बंद रहा ठेका

भाजपा पार्षद रेनू गुप्ता ने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले ही जिला आबकारी अधिकारी केपी यादव से की गई थी। शिकायत के बाद अधिकारियों ने ठेका बंद रखने का आश्वासन दिया था और करीब 15 दिनों तक दुकान बंद भी रही। लेकिन गुरुवार को अचानक दोबारा ठेके का संचालन शुरू कर दिया गया। इसकी जानकारी मिलते ही क्षेत्र की महिलाएं और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

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कोर्ट के आदेश के बाद शिफ्ट होगा ठेका

प्रदर्शन के बीच जिला आबकारी अधिकारी की ओर से कहा गया कि मामले में कोर्ट के आदेश के बाद ही शराब ठेके को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हालांकि स्थानीय लोग तत्काल कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

रात तक डटी रहीं महिलाएं

धरने में महिलाओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी भी शामिल हुए। प्रदर्शन में सुमन फौजदार, टीना अग्रवाल, वंदना सिंघल, मोना सोलंकी, विवेक पाराशर, आरती पाराशर, गीतांजलि वर्मा, सुनीता, पूनम सिंघल, काके यादव, दिवाकर महाजन, जेठा भाई, मनोज कुमार और हरिशंकर पाराशर सहित कई लोग मौजूद रहे। देर रात तक चले इस प्रदर्शन ने इलाके में शराब ठेके के खिलाफ लोगों के गुस्से को खुलकर सामने ला दिया।

Location :  Agra

Published :  31 July 2026, 12:37 PM IST

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