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वीडियो इंस्टाग्राम क्रिएटर सोनम सोलंकी
यह वीडियो इंस्टाग्राम क्रिएटर सोनम सोलंकी द्वारा शेयर किया गया है, जिसे अब तक 75 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। वीडियो में मां बताती हैं कि उनकी बेटी ने MBBS और MD की पढ़ाई में कई साल लगा दिए और अब वह एक सफल, फिट और स्मार्ट डॉक्टर है। जब उन्होंने बेटी के लिए उसी प्रोफेशन में लड़के देखने शुरू किए, तो उन्हें निराशा हाथ लगी। मां का कहना है कि 32-34 साल के अधिकतर लड़के गंजे या मोटे हो चुके हैं और उनकी बेटी के मुकाबले फिट नहीं दिखते। इसी बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी।
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X (पूर्व में ट्विटर) पर यूजर @rose_k01 ने वीडियो शेयर करते हुए इसे “आज की कड़वी सच्चाई” बताया, लेकिन कमेंट सेक्शन में मां की सोच पर सवाल उठने लगे। एक यूजर ने लिखा- “अगर 34 साल का लड़का अंकल है, तो 34 साल की लड़की आंटी क्यों नहीं?” डॉ. आर.सी. शर्मा ने तंज कसते हुए कहा- “व्यक्ति कोई फैक्ट्री प्रोडक्ट नहीं है, जिसे अमेजन से ऑर्डर किया जा सके।” वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा- “आपकी उम्मीदें माउंट एवरेस्ट से भी ऊंची हैं।”
यह वीडियो सिर्फ एक मां की चिंता नहीं, बल्कि आज के शहरी और पढ़े-लिखे वर्ग की बड़ी सामाजिक समस्या को उजागर करता है। डॉक्टर बनने में अक्सर 30-32 साल की उम्र हो जाती है। वहीं आज के लाइफस्टाइल में पुरुषों का 30 की उम्र में बाल झड़ना या वजन बढ़ना आम बात है, जिसे अब रिश्तों में ‘रिजेक्शन’ का कारण बनाया जा रहा है।
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कई सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि 30 की उम्र के बाद शादी में लुक्स से ज्यादा कम्पैटिबिलिटी, सोच और समझदारी को महत्व देना चाहिए। बाल और वजन समय के साथ बदलते हैं, लेकिन स्वभाव और व्यवहार लंबे समय तक साथ निभाते हैं। परफेक्शन की तलाश कई बार अकेलेपन की वजह बन जाती है। क्या मां की चिंता जायज है कि लड़के अपनी फिटनेस पर ध्यान नहीं दे रहे? या यह केवल बहुत ज्यादा उम्मीदों का नतीजा है? यह बहस अब सोशल मीडिया से निकलकर समाज के आईने में खड़ी हो चुकी है।
Location : New Delhi
Published : 8 January 2026, 4:51 PM IST