‘काश! उस पर भरोसा न किया होता’ कांपी मां की रूह, दोस्तों ने ही छीनी बेटे की सांसें

वाराणसी के सिगरा में 6 अगस्त से लापता 19 वर्षीय ईशू कन्नौजिया की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, दोस्तों ने शराब पिलाने के बाद उसकी हत्या की और शव के पांच टुकड़े कर प्लास्टिक के बोरे में गोबर के गड्ढे में छिपा दिया।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 22 August 2026, 2:14 PM IST
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Varanasi: वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। 6 अगस्त से लापता 19 वर्षीय ईशू कन्नौजिया की उसके ही दोस्तों ने कथित तौर पर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पहले युवक को शराब पिलाई और फिर चापड़ से उसकी हत्या कर शव के पांच टुकड़े कर दिए। इसके बाद शव को प्लास्टिक के बोरे में भरकर गोबर के गड्ढे में छिपा दिया।

पुलिस ने मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान प्रदीप, उसके भाई रामकृष्ण उर्फ रामकिशन और उनके दोस्त रोहित के रूप में हुई है।

पिटाई का बदला लेने के लिए हत्या का आरोप

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि 3 अगस्त को शराब पीने के दौरान ईशू ने कथित तौर पर प्रदीप की पिटाई कर दी थी। पुलिस के अनुसार, इसी बात से नाराज प्रदीप ने बदला लेने के लिए हत्या की साजिश रची।

इसके बाद 6 अगस्त की रात ईशू को बुलाया गया। अगले दिन यानी 7 अगस्त को तीनों उसे लहरतारा-महमूरगंज पानी टंकी के पास रेलवे के खंडहरनुमा क्वार्टर में ले गए। यहां उसे शराब पिलाई गई और फिर कथित तौर पर तीनों ने उसकी पिटाई की।

शव के किए टुकड़े

पुलिस के मुताबिक, रोहित और रामकृष्ण ने ईशू के हाथ पकड़े और प्रदीप ने चापड़ से उसका गला काट दिया। इसके बाद शव के सिर और धड़ को अलग किया गया। पुलिस के अनुसार, हाथ-पैर भी अलग किए गए और शव को कुल पांच टुकड़ों में काटकर प्लास्टिक के बोरे में भर दिया गया

आरोप है कि वारदात के बाद शव को लहरतारा मार्ग स्थित खखड़िया पोखरी के पास रेलवे के पुराने क्वार्टर के नजदीक गोबर के गड्ढे में डाल दिया गया।

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शव छिपाने का तरीका YouTube से देखने का दावा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में प्रदीप ने बताया कि उसने शव को गोबर में छिपाने का तरीका YouTube पर देखा था। कथित तौर पर आरोपियों ने ऐसा इसलिए किया ताकि शव से आने वाली दुर्गंध आसपास के लोगों को संदिग्ध न लगे।

शुक्रवार रात करीब 10 बजे पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गोबर के गड्ढे से प्लास्टिक के बोरे में रखा शव बरामद किया। पुलिस के मुताबिक, गोबर में पड़े रहने के कारण शव काफी खराब स्थिति में था। शव को पोस्टमार्टम के लिए मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के मुर्दाघर में रखवाया गया।

17 अगस्त को दर्ज हुई थी गुमशुदगी

ईशू 6 अगस्त की शाम घर से निकला था। उसके अक्सर देर रात तक घर नहीं लौटने के कारण परिजनों ने शुरुआत में ज्यादा ध्यान नहीं दिया। अगले दिन दोपहर तक घर नहीं लौटने पर उसकी तलाश शुरू की गई।

परिजनों ने दोस्तों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 17 अगस्त को सिगरा थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी गई।

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आखिरी कॉल और CCTV से खुला राज

सिगरा पुलिस ने जांच के दौरान ईशू के मोबाइल की CDR खंगाली। पुलिस के मुताबिक, उसके मोबाइल पर आखिरी कॉल उसके दोस्त प्रदीप की मिली। इसके बाद पुलिस ने प्रदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पुलिस के अनुसार, शुरुआत में प्रदीप ने घटना से अनजान होने की बात कही, लेकिन CDR, सर्विलांस और CCTV फुटेज के आधार पर पूछताछ आगे बढ़ने पर उसने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार कर ली। इसके बाद पुलिस ने प्रदीप के भाई रामकृष्ण और दोस्त रोहित को भी गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी पर दर्ज थे पांच मुकदमे

सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा के मुताबिक, ईशू के खिलाफ सिगरा और भेलूपुर थानों में मारपीट समेत अन्य मामलों में पांच प्राथमिकी दर्ज थीं। हालांकि, पुलिस अब उसकी हत्या के पूरे घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद शिवपुरवा में ईशू के परिवार में कोहराम मच गया। एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल और मामले की जानकारी ली।

Location :  Varanasi

Published :  22 August 2026, 2:14 PM IST

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