प्रसूता की मौत: गांव पहुंचते ही आमने-सामने आए दो परिवार, मायके ने लगाया हत्या का आरोप; ससुराल बोला- इलाज के दौरान गई जान

महराजगंज के पड़री खुर्द गांव में प्रसूता पूनम देवी की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गला दबाकर हत्या करने का आरोप लगाया, जबकि ससुराल पक्ष ने इलाज के दौरान मौत होने की बात कही। पूनम की हालत बिगड़ने के बाद उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 8 September 2026, 5:45 PM IST
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Maharajganj: महराजगंज के पड़री खुर्द गांव में एक प्रसूता की मौत के बाद उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब उसका शव गांव पहुंचा। शव देखते ही मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मायके पक्ष का दावा है कि पूनम देवी की गला दबाकर हत्या की गई है। वहीं ससुराल वाले इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। उनका कहना है कि पूनम लंबे समय से गंभीर हालत में थी और इलाज के दौरान उसकी मौत हुई है।

दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि पूनम की मौत की वास्तविक वजह क्या थी।

आठ महीने की गर्भवती थी पूनम

जानकारी के अनुसार, पूनम देवी करीब आठ महीने की गर्भवती थी। उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद परिजनों ने उसे महराजगंज के मातेश्वरी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। वहां डॉ. अनुराधा की देखरेख में उसका इलाज चल रहा था। परिजनों के मुताबिक चार अगस्त को ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों को पेट में ट्यूमर होने की जानकारी मिली। इसके बाद पूनम का इलाज जारी रहा, लेकिन उसकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।

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नवजात की मौत के बाद पूनम की हालत और बिगड़ी

परिजनों के अनुसार पांच सितंबर को पूनम के नवजात बच्चे की भी मौत हो गई। बच्चे की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। दूसरी तरफ पूनम की हालत भी बेहद गंभीर बनी हुई थी। बताया गया कि उसकी स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर स्थित बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन पूनम को लेकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां उसका उपचार शुरू किया गया। परिवार के मुताबिक डॉक्टरों की कोशिशों के बावजूद पूनम की हालत में सुधार नहीं हुआ। आठ सितंबर की सुबह करीब तीन बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

इलाज के लिए खेत गिरवी रखने का दावा

पूनम के ससुर केदार गौड़ का कहना है कि परिवार ने उसे बचाने के लिए अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने बताया कि इलाज का खर्च जुटाने के लिए परिवार को खेत तक गिरवी रखना पड़ा। इतना ही नहीं, इलाज के लिए परिचितों से उधार भी लिया गया। परिवार को उम्मीद थी कि तमाम मुश्किलों के बावजूद पूनम की जान बच जाएगी और वह ठीक होकर घर लौट आएगी। केदार गौड़ के मुताबिक पूनम की मौत से पूरा परिवार सदमे में है।

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मायके पक्ष ने लगाए हत्या के आरोप

पूनम का शव जब गांव पहुंचा तो मामला अचानक गरमा गया। मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मायके पक्ष का आरोप है कि पूनम की गला दबाकर हत्या की गई है। आरोप लगने के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। गांव में स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही चौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने दोनों पक्षों को शांत कराया और शव को अपने कब्जे में ले लिया।

पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा

पुलिस की मौजूदगी में शव का पंचनामा तैयार किया गया। एसआई परशुराम, एसआई सुजीत कुमार सिंह समेत पुलिसकर्मियों ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल महराजगंज भेज दिया। पुलिस अब पूरे मामले में दोनों पक्षों से जानकारी जुटा रही है। साथ ही घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है।

Location :  Maharajganj

Published :  8 September 2026, 5:45 PM IST

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