महराजगंज में बिजली व्यवस्था की खुली पोल, लकड़ी के डंडों के सहारे खिंचे तार; कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

महराजगंज के सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत परासखाड़ के टोला झुगवा चौराहा से पूरब करीब 500 मीटर तक बिजली के तार लकड़ी के अस्थायी खंभों के सहारे दौड़ रहे हैं। कई जगह तार नीचे लटकने से ग्रामीणों और राहगीरों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि कई लोगों को करंट का झटका लग चुका है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 8 September 2026, 3:55 PM IST
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Maharajganj: महराजगंज में बिजली विभाग की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर किसी भी वक्त बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। गांव की सड़क के किनारे बिजली के तार किसी मजबूत विद्युत पोल पर नहीं, बल्कि लकड़ी के अस्थायी सहारों के भरोसे दौड़ रहे हैं। करीब 500 मीटर तक यही हाल दिखाई देने की बात सामने आई है। कहीं तार नीचे झुके हुए हैं तो कहीं लकड़ी के डंडे ही बिजली की लाइन का सहारा बने हुए हैं। ऐसे में सड़क से गुजरने वाले ग्रामीणों और राहगीरों के सिर पर हर समय खतरा मंडरा रहा है।

मामला महराजगंज के सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत परासखाड़ के टोला झुगवा चौराहा से पूरब जाने वाले रास्ते का है। ग्रामीणों का दावा है कि बिजली की इस अव्यवस्था के कारण कई लोगों को करंट का झटका तक लग चुका है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।

500 मीटर तक लकड़ी के सहारे बिजली के तार

डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के अनुसार, झुगवा चौराहा से पूरब जाने वाले रास्ते पर करीब 500 मीटर तक बिजली की लाइन लकड़ी के अस्थायी सहारों के जरिए खींची गई है। सड़क किनारे जगह-जगह लकड़ी के डंडे दिखाई देते हैं और उन्हीं के सहारे बिजली के तार आगे तक ले जाए गए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, यह व्यवस्था लंबे समय से चली आ रही है। सबसे बड़ी चिंता इस बात को लेकर है कि कई स्थानों पर बिजली के तार काफी नीचे होने की बात सामने आई है। सड़क से गुजरने वाले लोगों के लिए ऐसे तार कभी भी मुसीबत का कारण बन सकते हैं।

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नीचे लटकते तारों से ग्रामीण परेशान

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली के तार जिस तरीके से लगाए गए हैं, उससे उन्हें हर समय डर बना रहता है। सड़क के किनारे से गुजरते समय लोगों को यह आशंका रहती है कि कहीं तार टूटकर नीचे न गिर जाए। ग्रामीणों के मुताबिक कई जगह तार सामान्य ऊंचाई से काफी नीचे दिखाई देते हैं। ऐसे में किसी वाहन, पेड़ की डाल या अन्य वस्तु के संपर्क में आने पर हादसा हो सकता है।

कई लोगों को लग चुका है करंट

इस मामले में ग्रामीणों ने सबसे गंभीर दावा किया है। उनका कहना है कि नीचे लटक रहे बिजली के तारों की चपेट में आने से कई लोगों को करंट का झटका लग चुका है। हालांकि, इन घटनाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी और आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि खतरा लगातार बना हुआ है। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय विभाग को समय रहते कार्रवाई करनी चाहिए।

चौक फीडर पर कई बार की गई शिकायत

ग्रामीणों के मुताबिक इस समस्या को लेकर विद्युत विभाग के अधिकारियों और चौक फीडर पर कई बार पोल लगवाने की मांग की जा चुकी है। लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि शिकायत के बाद बिजली के तारों को सुरक्षित तरीके से लगाया जाएगा, लेकिन अभी तक मौके पर स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार समस्या बताने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से हालात जस के तस बने हुए हैं। उनका कहना है कि बिजली विभाग को मौके पर टीम भेजकर स्थिति की जांच करनी चाहिए और जहां जरूरत है, वहां मानक के अनुरूप पोल लगाकर लाइन को व्यवस्थित करना चाहिए।

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बारिश और तेज हवा में बढ़ सकता है खतरा

इस तरह की अस्थायी बिजली व्यवस्था में मौसम का असर भी चिंता बढ़ाने वाला है। बारिश के दौरान जमीन गीली होने और आसपास पानी जमा होने पर बिजली के तार टूटने या करंट फैलने की स्थिति में खतरा और बढ़ सकता है। वहीं तेज हवा में लकड़ी के अस्थायी खंभों के कमजोर होने की आशंका भी बनी रहती है। अगर इनमें से कोई सहारा गिरता है तो बिजली की लाइन भी नीचे आ सकती है। ऐसे में सड़क पर आने-जाने वाले लोगों के लिए स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है।

जेई ने कहा

मामले को लेकर डाइनामाइट न्यूज संवाददाता ने चौक फीडर के जेई कमलेश चौधरी से बातचीत की। जेई ने बताया कि आपूर्ति को पूरा किया जाएगा। अब सवाल यही है कि विभाग की ओर से इस समस्या को दूर करने के लिए मौके पर कब तक विद्युत पोल लगाए जाते हैं और नीचे लटक रहे तारों को कब सुरक्षित ऊंचाई पर किया जाता है।

Location :  Maharajganj

Published :  8 September 2026, 3:55 PM IST

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