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जलप्रलय के बीच मौसम का मिजाज (Img- Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश में कुदरत का दोहरा रूप देखने को मिल रहा है। एक तरफ जहां कई हिस्सों में धीमी तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी है, वहीं दूसरी तरफ नदियां उफान पर होने के कारण राज्य के 25 जिले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। जलभराव और उफनाती नदियों के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जिससे हजारों परिवारों को अपना घर छोड़कर राहत शिविरों का सहारा लेना पड़ा है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, आज भी प्रदेश के कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। राहत की बात यह है कि फिलहाल मौसम विभाग ने किसी भी जिले के लिए कोई भारी तबाही की चेतावनी (Alert) जारी नहीं की है। राजधानी लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में हल्की धूप के साथ बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे तापमान 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
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पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जमकर पानी बरसा। सबसे ज्यादा 22.7 मिमी बारिश झांसी में दर्ज की गई। इसके अलावा बांदा में 18.2 मिमी, हरदोई में 15 मिमी, कानपुर में 13.8 मिमी, अलीगढ़ में 7 मिमी और इटावा में 5 मिमी बारिश दर्ज की गई। झांसी, बांदा और हरदोई में हुई इस बारिश ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर अयोध्या, गोरखपुर, प्रयागराज, लखीमपुर खीरी, वाराणसी, बलिया, बहराइच और गोंडा समेत 25 जिलों में देखने को मिल रहा है। प्रभावित इलाकों में जीवन बचाना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, अब तक 21,350 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। बचाव कार्यों के लिए 2,385 नावें और मोटरबोट्स दिन-रात पानी में दौड़ रही हैं।
बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है। अब तक 9.31 लाख से अधिक लंच पैकेट और 1.49 लाख खाद्यान्न किट बांटी जा चुकी हैं। बीमारी फैलने के खतरे को देखते हुए 1,165 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए क्लोरीन टैबलेट और ओआरएस पैकेट बांटे जा रहे हैं। राहत की बात यह है कि अब तक किसी जनहानि की खबर नहीं है।
Location : Lucknow
Published : 12 September 2026, 7:43 AM IST