“रातभर डर के साये में जागते रहे ग्रामीण”, सोहगीबरवा में नारायणी का बढ़ता पानी बना बड़ा खतरा, अब रेस्क्यू का इंतजार

महराजगंज के सोहगीबरवा में नारायणी नदी का बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बन गया है। कई इलाकों में पानी घरों और सुरक्षित माने जाने वाले स्थानों तक पहुंच चुका है। रातभर डर के बीच रहे ग्रामीण अब जल्द रेस्क्यू की मांग कर रहे हैं।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 28 September 2026, 10:03 AM IST
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Maharajganj: महराजगंज जिले के सोहगीबरवा इलाके में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। नारायणी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण गांवों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने पूरी रात डर और आशंका के बीच जागकर बिताई। हालात ऐसे हैं कि लोगों को अब किसी अनहोनी का डर सताने लगा है।

सुरक्षित नौरंगिया पहुंचाने की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू के लिए बोटों की संख्या काफी कम है। ग्रामीणों ने तत्काल करीब 100 और बोट उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकालकर नौरंगिया पहुंचाया जा सके।

कमर से गर्दन तक पहुंचा पानी

नेपाल और स्थानीय क्षेत्रों में लगातार बारिश का असर सोहगीबरवा और आसपास के इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। गांव के कई हिस्सों में पानी कमर से लेकर गर्दन तक पहुंच गया है। सबसे चिंता की बात यह है कि लोगों के लिए बनाए गए कुछ सुरक्षित स्थान भी पानी की चपेट में आ गए हैं। बाढ़ आश्रय केंद्र, सचिवालय और प्राथमिक विद्यालय जैसे स्थानों पर भी पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में ग्रामीणों के सामने सुरक्षित जगह पर जाने की चुनौती और बढ़ गई है।

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कई गांवों में पहुंचा बाढ़ का पानी

नारायणी नदी के किनारे बसे गेड़हवा के बलुआ टोला, कनमिशवा के औरहवा टोला समेत आसपास के गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन के अनुसार नदी किनारे बसे 11 गांवों में करीब 300 घर प्रभावित हुए हैं।

ये क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित

नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नारायणी नदी का जलस्तर बेहद बढ़ गया है। वाल्मीकि बैराज से करीब पांच लाख से अधिक क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति और गंभीर हुई है। सोहगीबरवा, शिकारपुर, भोथहा और निचलौल तहसील क्षेत्र के टेलफाल के पास गेड़हवा गांव में भी पानी घुसने से कई घर प्रभावित हुए हैं।

गेड़हवा में शुरू हुआ राहत और बचाव अभियान

बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज किया है। गेड़हवा गांव से सैकड़ों लोगों को सुरक्षित निकालकर ऊंचे स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पीने के पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

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अपर जिलाधिकारी डॉ. प्रशांत कुमार के नेतृत्व में राहत अभियान चलाया गया। सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए करीब 500 बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए कम्युनिटी किचन के जरिए भोजन उपलब्ध कराया गया। इसके अलावा जरूरत के अनुसार दवा और अन्य जरूरी सामान भी पहुंचाया जा रहा है।

ग्रामीणों की नजर अब रेस्क्यू व्यवस्था पर

प्रशासन की टीमें जलस्तर और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। पानी बढ़ने की स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए टीमें सक्रिय हैं। हालांकि सोहगीबरवा के ग्रामीणों की सबसे बड़ी मांग फिलहाल रेस्क्यू के लिए पर्याप्त संख्या में बोट उपलब्ध कराने की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सभी लोगों को सुरक्षित निकालना जरूरी है। उनका आग्रह है कि बोटों की संख्या बढ़ाकर रेस्क्यू अभियान तेज किया जाए, ताकि हालात और बिगड़ने से पहले लोगों की जान सुरक्षित की जा सके।

Location :  Maharajganj

Published :  28 September 2026, 9:46 AM IST

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