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राम मंदिर (Photo Courtesy Internet)
Ayodhya: राम मंदिर के दानपात्र की धनराशि में कथित गबन का मामला सामने आने के बाद श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य एवं राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र अचानक अयोध्या पहुंचे। उन्होंने रामजन्मभूमि परिसर स्थित सभागार में ट्रस्ट पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली।
सूत्रों के अनुसार, नृपेंद्र मिश्र के अचानक अयोध्या आगमन को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के निर्देशों से जोड़कर देखा जा रहा है। चर्चा है कि इस मामले में पीएमओ ने विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। हालांकि, नृपेंद्र मिश्र ने इस संबंध में मीडिया के सवालों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार शाम रामजन्मभूमि परिसर के सभागार में एक गोपनीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में ट्रस्ट के चार प्रमुख सदस्य मौजूद रहे, जो मंदिर के प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालते हैं। बैठक में दानपात्र गबन प्रकरण पर विस्तार से चर्चा की गई।
दिल्ली रवाना होने से पहले मीडिया से दूरी बनाए रखने वाले नृपेंद्र मिश्र ने दूरभाष पर कहा कि उनका दायित्व राम मंदिर निर्माण कार्यों से संबंधित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दानपात्र का मामला मंदिर प्रबंधन से जुड़ा विषय है और वह निर्माण कार्यों के निरीक्षण के लिए अयोध्या आए थे।
दानपात्र में गबन और आधा दर्जन संदिग्ध कर्मियों के पकड़े जाने की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सवाल उठाए, जबकि आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी मामले को लेकर सरकार और ट्रस्ट पर निशाना साधा।
राम मंदिर निर्माण समिति की नियमित समीक्षा बैठक 13 जून को प्रस्तावित है। निर्माण कार्यों से जुड़ी एजेंसियों को बैठक संबंधी ई-मेल भी भेजे जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि नृपेंद्र मिश्र का यह दौरा आंशिक रूप से आगामी समीक्षा बैठक की तैयारियों से भी जुड़ा हो सकता है।
Location : Ayodhya
Published : 10 June 2026, 5:50 PM IST
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