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सोनभद्र के ओबरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने नाबालिग से जुड़े एक गंभीर अपराध का 30 घंटे के भीतर खुलासा किया। मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी समेत तीन अभियुक्त गिरफ्तार किए गए, जिनमें एक घायल हुआ। पुलिस ने हथियार और नकदी भी बरामद की है।
ओबरा थाना (Img: Google)
Sonbhadra: सोनभद्र जनपद के ओबरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक जघन्य अपराध का 30 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है। नाबालिग से जुड़े पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट के मामले में वांछित तीन अभियुक्तों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। इस दौरान एक अभियुक्त पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, यह मामला 2 जनवरी 2026 को सामने आया, जब पीड़िता की मां ने ओबरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, 30 दिसंबर को नाबालिग को बहला-फुसलाकर पहाड़ी इलाके में ले जाया गया, जहां आरोपियों ने अपराध को अंजाम दिया और धमकी देकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।
घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने बिना देरी किए दो विशेष टीमों का गठन किया। पीड़िता और उसके परिवार को मिशन शक्ति केंद्र के माध्यम से काउंसलिंग, सुरक्षा और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई गई। पुलिस टीमों द्वारा संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
सीओ ओबरा अमित कुमार के अनुसार, 3 और 4 जनवरी की मध्यरात्रि को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बिल्ली मारकुंडी खदान क्षेत्र में घेराबंदी की। इस दौरान मुख्य अभियुक्त पप्पू उर्फ बिंदू यादव और एक अन्य आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। तीसरे अभियुक्त ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई।
घायल अभियुक्त के कब्जे से एक देशी तमंचा, कारतूस और नकदी बरामद की गई। इस बरामदगी के आधार पर आर्म्स एक्ट के तहत अलग से मामला दर्ज किया गया है। घायल अभियुक्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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इस पूरी कार्रवाई में शामिल पुलिस टीम की भूमिका को वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहा है। पुलिस का कहना है कि नाबालिगों से जुड़े अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे मामलों में त्वरित व सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।