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नंदलाल गोंड (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Siddharthnagar: उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामलों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति द्वारा एक बड़ा आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत नंदलाल गोंड और उनके पूरे परिवार के अनुसूचित जनजाति यानी ST प्रमाण पत्र को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है।
इस पूरे मामले की शुरुआत एक शिकायत के बाद हुई थी। उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश मिलने के बाद इस संवेदनशील मामले की गहन जांच सतर्कता प्रकोष्ठ (Vigilance Cell) को सौंपी गई थी। जांच के दायरे में नंदलाल गोंड और उनका पूरा परिवार आया। उन पर मुख्य रूप से यह गंभीर आरोप था कि वे वास्तव में अनुसूचित जनजाति समुदाय से ताल्लुक नहीं रखते, बल्कि वे 'कहार' जाति से हैं जो अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के अंतर्गत आती है। आरोप था कि परिवार ने प्रशासन से सही तथ्यों और अपनी वास्तविक पहचान को छिपाकर गलत तरीके से ST प्रमाण पत्र का लाभ उठाया था।
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सतर्कता प्रकोष्ठ द्वारा की गई विस्तृत जांच के दौरान कई पुख्ता सबूत सामने आए। जांच टीम ने पुराने ऐतिहासिक दस्तावेजों और साक्ष्यों को खंगाला, जिसमें 1333 और 1359 फसली वर्ष के राजस्व अभिलेखों की गहन पड़ताल की गई। इसके अलावा, स्कूल के ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) और स्थानीय ग्रामीणों के दर्ज बयानों को भी आधार बनाया गया। इन सभी पुख्ता सबूतों और दस्तावेजों की जांच में यह साफ साबित हो गया कि नंदलाल गोंड और उनका पूरा परिवार वास्तव में कहार जाति से ही संबंधित है।
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तथ्यों और सबूतों के आधार पर फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद, जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला स्तरीय समिति ने त्वरित प्रशासनिक कदम उठाया। समिति ने बिना किसी देरी के नंदलाल गोंड और उनके परिवार के सभी सदस्यों के ST प्रमाण पत्रों को आधिकारिक रूप से निरस्त कर दिया।
Location : Siddharthnagar
Published : 7 August 2026, 3:17 PM IST