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राकेश टिकैत (सोर्स: डाइनामाइट न्यूज़)
Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर में किसान नेता राकेश टिकैत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने जनता से पेट्रोल-डीजल की बचत करने, सोने में कम निवेश करने और किसानों से जैविक खेती अपनाने की बात कही थी। राकेश टिकैत ने साफ कहा कि जब देश किसी मुश्किल दौर से गुजर रहा हो तो हर नागरिक का फर्ज बनता है कि वह देश के साथ खड़ा रहे। उन्होंने कहा कि जितनी बचत हो सके, लोगों को पेट्रोल और डीजल की उतनी बचत करनी चाहिए।
ऑर्गेनिक खेती को लेकर सरकार पर सवाल
राकेश टिकैत ने कहा कि किसान संगठन काफी समय से ऑर्गेनिक खेती की बात करते आ रहे हैं। उनका कहना था कि देश को धीरे-धीरे जैविक खेती की तरफ बढ़ना ही पड़ेगा, लेकिन इसके लिए सरकार को मजबूत नीति बनानी होगी। उन्होंने फर्टिलाइजर सब्सिडी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर यह सब्सिडी जा कहां रही है। टिकैत ने मांग की कि किसानों को उनकी जमीन के हिसाब से सीधे सब्सिडी दी जाए। उनका आरोप था कि जो किसान ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं, उनकी सब्सिडी भी कंपनियां या दूसरे लोग ले जाते हैं।
उन्होंने कहा कि बड़े शहरों और मॉल्स में किसानों को सस्ते किराए पर दुकानें उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि वहां ऑर्गेनिक उत्पाद सीधे बिक सकें। साथ ही ऑर्गेनिक उत्पादों की सही मॉनिटरिंग और सैंपलिंग भी जरूरी है, जिससे मिलावट पर रोक लग सके।
सोने को लेकर भी दिया बड़ा सुझाव
किसान नेता ने सोने की खरीद को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि खाप पंचायतें भी कम खर्च और सादगी की बात कर रही हैं। टिकैत ने सुझाव दिया कि सरकार को ऐसा कानून बनाना चाहिए जिसमें शादी में 10 ग्राम से ज्यादा सोना देने पर रोक हो। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी के बस में सोना खरीदना नहीं रह गया है और ज्यादातर सोना बड़े कारोबारी ही खरीद रहे हैं।
पेट्रोल-डीजल बचत पर नेपाल मॉडल की बात
राकेश टिकैत ने पेट्रोल-डीजल बचत को लेकर नेपाल का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि जब तक मंत्री और बड़े लोग खुद पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल नहीं करेंगे, तब तक आम जनता भी निजी वाहनों को छोड़ने वाली नहीं है। टिकैत ने कहा कि अगर सड़कों पर चेकिंग बढ़े और लोगों से पूछा जाए कि आखिर वे बिना जरूरत कहां जा रहे हैं, तो काफी हद तक फिजूल ईंधन खर्च पर लगाम लग सकती है। उन्होंने कहा कि देश में करीब 30 प्रतिशत लोग ऐसे हैं जो बिना किसी जरूरी काम के सिर्फ आदत के कारण गाड़ी लेकर निकल पड़ते हैं। ऐसे लोगों को रोकना जरूरी है ताकि ईंधन की बचत हो सके।
लोकल ट्रेनों को दोबारा शुरू करने की मांग
टिकैत ने सरकार पर लोकल ट्रेनों को बंद करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अगर सरकार सच में डीजल और पेट्रोल बचाना चाहती है तो पहले बंद की गई लोकल ट्रेन सेवाओं को दोबारा शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई रूटों पर पहले लोकल ट्रेनें चलती थीं, लेकिन अब उन्हें बंद कर दिया गया है या किराया इतना महंगा कर दिया गया कि आम आदमी सफर नहीं कर पा रहा। ऐसे में लोग मजबूरी में बाइक और कार का इस्तेमाल कर रहे हैं।
Location : Muzaffarnagar
Published : 12 May 2026, 1:13 PM IST