गोरखपुर में शिक्षक संघ का आक्रोश, शिक्षकों ने दी ये हिदायत

शिक्षकों पर टीईटी थोपने के फैसले के खिलाफ अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, जनपद गोरखपुर के बैनर तले सोमवार शाम शिक्षकों ने मशाल जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। इस दौरान शिक्षक संघ ने सरकार को चेतावनी दी।

Gorakhpur: शिक्षा के अधिकार अधिनियम के बाद भी पुराने शिक्षकों पर टीईटी थोपने के फैसले के खिलाफ अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, जनपद गोरखपुर के बैनर तले सोमवार शाम शिक्षकों ने मशाल जुलूस निकालकर सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश जताया।

सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एकजुट होकर सेवा सुरक्षा की रक्षा के लिए जोरदार प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत यह फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज होगा।

जानकारी के अनुसार शाम 5 बजे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से शुरू हुए इस मशाल जुलूस ने पूरे शहर में हलचल मचा दी। जुलूस गोलघर, गणेश चौराहा, जिला पंचायत चौराहा होते हुए काली मंदिर, गोलघर पर समाप्त हुआ।  शिक्षकों ने मशूल जुलूस निकालकर नारेबाजी की।

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अधिकारों पर सीधा प्रहार

महासंघ के जिला संयोजक तारकेश्वर शाही ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि 23 अगस्त 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी लागू करना उनके अधिकारों पर सीधा प्रहार है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू होने के बाद भी पुराने शिक्षकों को इस परीक्षा की अनिवार्यता से जोड़ना उनकी सेवा सुरक्षा के साथ घोर अन्याय है।  सरकार को तत्काल इस फैसले को वापस लेना चाहिए।

जिला संयोजक बाल विनोद शुक्ला ने कहा कि 2011 से टीईटी को अनिवार्य किया गया, लेकिन इससे पहले कार्यरत शिक्षकों पर इसे थोपना पूरी तरह अनुचित और असंवैधानिक है। इससे पूरे शिक्षक समुदाय में आक्रोश व्याप्त है। हम अपनी सेवा सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।

महासंघ के संयोजक प्रभाकर मिश्रा ने शिक्षकों की भारी भागीदारी पर खुशी जताते हुए कहा कि आज जिले के कोने-कोने से शिक्षक इस जुलूस में शामिल हुए। यह उनकी एकजुटता और अधिकारों के प्रति जागरूकता का प्रमाण है। हमारी लड़ाई सिर्फ टीईटी के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक वर्ग की गरिमा और सुरक्षा के लिए है।"

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शिक्षक संघ ने दी ये चेतावनी

जिला संयोजक सुनील कुमार दूबे ने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आंदोलन को और अधिक तीव्र रूप दिया जाएगा। शिक्षक अब चुपचाप सहने वाले नहीं रहे।

मंडल उपाध्यक्ष (जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ) नीता यादव ने भावुक स्वर में कहा कि यह लड़ाई आर-पार की होगी। शिक्षक अब किसी हाल में चुप नहीं बैठने वाले। सेवा सुरक्षा में कोई समझौता मंजूर नहीं है। हम अपनी हक की लड़ाई लड़ेंगे और जीतकर रहेंगे।

इस मौके पर महासंघ के कई अन्य पदाधिकारी व बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं। शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि उनकी सेवा सुरक्षा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Location :  Gorakhpur

Published :  13 April 2026, 7:24 PM IST

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