महिला अस्पताल में ‘नो टिफिन’ नियम… बाहर खाना खाने को मजबूर हुए तीमारदार, पढ़ें पूरी खबर

बदायूं जिला महिला अस्पताल में बाहर से खाना लाने पर रोक लगाए जाने के बाद तीमारदारों की परेशानी बढ़ गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह फैसला स्वच्छता बनाए रखने के लिए लिया गया है, लेकिन परिजनों का आरोप है कि उन्हें मरीज छोड़कर बाहर खाना खाने जाना पड़ रहा है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 25 April 2026, 11:25 PM IST
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Budaun: उत्तर प्रदेश में बदायूं के जिला महिला अस्पताल में एक नया नियम चर्चा का विषय बना हुआ है। अस्पताल प्रशासन द्वारा बाहर से खाना लाने और वार्ड में खाने पर सख्ती किए जाने के बाद मरीजों के साथ रहने वाले तीमारदारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अस्पताल परिसर में सुरक्षा गार्ड अब टिफिन लेकर आने वालों को रोक रहे हैं, जिससे परिजनों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस फैसले के बाद अस्पताल के बाहर और अंदर दोनों जगह असमंजस का माहौल है। तीमारदारों का कहना है कि मरीजों की देखभाल के बीच अब उन्हें खाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। वहीं अस्पताल प्रशासन इसे सफाई और व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रहा है।

गेट पर रोका जा रहा खाना

अस्पताल में भर्ती मरीजों के साथ रहने वाले लोग अब बाहर से खाना लेकर अंदर नहीं जा पा रहे हैं। सुरक्षा कर्मी उन्हें गेट से ही वापस लौटा रहे हैं। कई परिजनों को मजबूरी में अस्पताल परिसर से बाहर जाकर खाना खाना पड़ रहा है।

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कुछ तीमारदारों ने बताया कि कई बार वे सड़क किनारे या पार्क में बैठकर खाना खाते हैं, क्योंकि अस्पताल के अंदर इसकी अनुमति नहीं दी जा रही। दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और मुश्किल बन रही है।

परिजनों का कहना है कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को अकेला छोड़कर बाहर जाना आसान नहीं होता। कई मरीजों को लगातार देखभाल की जरूरत होती है, ऐसे में बार-बार बाहर जाकर खाना लाना या खाना खाना चुनौती बन गया है।

अस्पताल प्रशासन ने सफाई को बताया वजह

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह कदम वार्ड में गंदगी रोकने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, कई बार खाने के कारण वार्ड में साफ-सफाई प्रभावित होती है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।

जारी दिशा-निर्देशों में बताया गया है कि अस्पताल परिसर में खाना लाने की अनुमति है, लेकिन वार्ड के अंदर खाने और गंदगी फैलाने पर रोक है। हालांकि तीमारदारों का आरोप है कि इस नियम को सख्ती से लागू करते हुए पूरे परिसर में ही खाना लाने पर रोक लगा दी गई है। यही वजह है कि अब यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि नियम और उसकी व्याख्या में अंतर दिखाई दे रहा है।

तीमारदार बोले- मरीज देखें या खाना तलाशें

अस्पताल में भर्ती महिलाओं के साथ रुकने वाले तीमारदारों का कहना है कि हर बार होटल या ढाबे पर जाकर खाना खरीदना संभव नहीं है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बाहर खाना खाना अतिरिक्त बोझ बन रहा है। एक तीमारदार ने बताया कि मरीज को छोड़कर बाहर जाना पड़ता है, जिससे चिंता बनी रहती है। कई बार मरीज की हालत गंभीर होती है और ऐसे में कुछ देर के लिए भी दूर जाना मुश्किल होता है।

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सीएमएस के आदेश पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर शोभा अग्रवाल का कहना है कि अस्पताल शासन के निर्देशों का पालन कर रहा है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो सका कि आदेश सिर्फ वार्ड में सफाई बनाए रखने के लिए है या पूरे परिसर में खाने पर रोक लगाने के लिए।

Location :  Budaun

Published :  25 April 2026, 11:25 PM IST

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