हिंदी
25 गिद्ध की मौत फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज
Lakhimpur: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी से सामने आई घटना सिर्फ पक्षियों की मौत की खबर नहीं है, बल्कि यह उस खतरनाक चेन रिएक्शन की कहानी है, जो इंसानी लापरवाही से पैदा हो सकता है। एक जहरीला दाना, एक कुत्ते की मौत और फिर देखते ही देखते दर्जनों गिद्धों का खत्म हो जाना... यह पूरा मामला पर्यावरण के लिए गंभीर चेतावनी बनकर सामने आया है।
खेत में डाले गए जहरीले चावल
जांच में सामने आया है कि खेत में डाले गए जहरीले चावल को एक कुत्ते ने खा लिया। कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। मृत कुत्ते के शव को खाने पहुंचे गिद्ध भी उसी जहर की चपेट में आ गए। गिद्ध प्रकृति के सफाईकर्मी माने जाते हैं। वे मृत जानवरों को खाकर वातावरण को स्वच्छ रखने और बीमारियों को फैलने से रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। लेकिन इस बार वही गिद्ध इंसानी लापरवाही की कीमत चुकाते नजर आए।
UP में युवाओं को मिल रही है ये FREE चीज! जानें क्या?
तस्वीरें देखकर लोग हैरान
दरअसल, जब किसी जानवर के शरीर में जहर पहुंच जाता है, तो उसका असर सिर्फ उसी तक सीमित नहीं रहता। उसे खाने वाले दूसरे जीव भी उसकी चपेट में आ सकते हैं। इसे ही फूड चेन पॉइजनिंग कहा जाता है। लखीमपुर की घटना इसका ताजा उदाहरण बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में खेत में पड़े कई मृत गिद्ध दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरें देखकर लोग हैरान हैं कि एक छोटी सी गलती ने इतनी बड़ी पर्यावरणीय क्षति कैसे पैदा कर दी।
जज की कुर्सी पर बैठी महिला बोली- अब मैं सुनाऊंगी फैसला! वाराणसी कोर्ट में हाई वोल्टेज ड्रामा
यह घटना एक बड़ा सवाल भी छोड़ती है-क्या जानवरों को भगाने या मारने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले जहरीले पदार्थों पर पर्याप्त निगरानी है? और क्या लोग इनके दुष्परिणामों को समझते हैं? पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे मामलों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो दुर्लभ और उपयोगी पक्षियों की संख्या पर इसका बुरा असर पड़ सकता है। गिद्धों की आबादी पहले ही कई कारणों से कम हो चुकी है और ऐसी घटनाएं स्थिति को और खराब कर सकती हैं।
लखीमपुर की यह घटना सिर्फ एक गांव या जिले की कहानी नहीं, बल्कि यह याद दिलाती है कि प्रकृति की हर कड़ी एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। कभी-कभी एक छोटी सी लापरवाही का असर पूरे पर्यावरण पर पड़ सकता है।
Location : Lakhimpur
Published : 13 June 2026, 8:04 PM IST
Topics : Lakhimpur Kheri Vulture wildlife