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बदायूं के एचपीसीएल प्लांट में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद मामला नया मोड़ लेता दिख रहा है। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के ताऊ राकेश सिंह के परिवार ने सामने आकर उससे रिश्ता होने से इनकार किया है। परिवार ने खुद को निर्दोष बताते हुए मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है।
राकेश सिंह की पत्नी ब्राह्मदेवी (Img: Dynamite News)
Budaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं के दातागंज स्थित एचपीसीएल एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में हुए सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड के बाद अब मामला नया मोड़ लेता नजर आ रहा है। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के बाद उसके पारिवारिक दायरे पर भी जांच का शिकंजा कसता जा रहा है। इसी बीच आरोपी के ताऊ राकेश सिंह का परिवार सामने आया है और खुद को इस पूरे मामले से अलग बता रहा है।
रविवार को सामने आए एक वीडियो में राकेश सिंह की पत्नी ब्राह्मदेवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाई। सैजनी गांव निवासी ब्राह्मदेवी ने साफ कहा कि उनके परिवार का आरोपी अजय से कोई संबंध नहीं है और वे 40 साल पहले ही अलग हो चुके हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति और बेटों को इस हत्याकांड में जबरन फंसाया जा रहा है। ब्राह्मदेवी ने यह भी बताया कि उनके पति राकेश सिंह अस्थमा के मरीज हैं और उनकी हालत ठीक नहीं है, बावजूद इसके उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।
घटना के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस राकेश सिंह और उनके परिवार तक पहुंची।
सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के बाद से राकेश सिंह अपने परिवार के साथ फरार बताए जा रहे हैं। गांव में यह भी चर्चा है कि परिवार तक हर गतिविधि की सूचना पहुंच रही है, जिसके चलते स्थानीय लोग खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
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इस मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए राकेश सिंह की संपत्तियों पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। हाल ही में उनकी कई दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया और कुल 53 दुकानों को कब्जे में लेकर तहसीलदार की अदालत में बेदखली का वाद दायर किया गया है।
संपत्तियों पर कार्रवाई तेज
जानकारी के अनुसार 27 अवैध दुकानों के खिलाफ विशेष कार्रवाई भी शुरू की गई है। आरोप है कि राकेश सिंह ने सरकारी जमीन पर बाजार लगाकर उगाही की और अवैध तरीके से लोगों को जमीन पर कब्जा दिलाया। इन मामलों में कई आपराधिक केस भी दर्ज किए गए हैं।
मामले ने उस वक्त और तूल पकड़ लिया जब राकेश सिंह के बेटे अभय के कुछ ऑडियो क्लिप सामने आए। इनमें वह एक पूर्व सांसद के प्रतिनिधि से कथित तौर पर अभद्र भाषा में बात करता सुनाई दे रहा है।
इसके अलावा राकेश सिंह की कुछ तस्वीरें भी चर्चा में हैं, जिनमें वह स्थानीय नेताओं और अधिकारियों के साथ मंच साझा करते नजर आ रहे हैं। वहीं मृतक असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा के परिजनों ने भी इस मामले में स्थानीय विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
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लगातार बढ़ती कार्रवाई और दबाव के बीच अब आरोपी पक्ष की ओर से सफाई सामने आई है। परिवार का कहना है कि उन्हें इस मामले में बेवजह घसीटा जा रहा है और उनका आरोपी अजय से कोई लेना-देना नहीं है। ब्राह्मदेवी ने वीडियो संदेश के जरिए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है और अपने परिवार को न्याय दिलाने की अपील की है।