बदायूं डबल मर्डर केस: दिनदहाड़े दो हत्याओं के पीछे कौन-कौन था? जांच में आया नया मोड़

बदायूं के एचपीसीएल बायोगैस प्लांट में 12 मार्च को हुए डबल मर्डर केस में पुलिस ने दो और आरोपियों को नामजद किया है। दोनों फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 7 April 2026, 12:38 AM IST
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Budaun: एचपीसीएल बायोगैस प्लांट में दिनदहाड़े हुए डबल मर्डर केस ने अब और खौफनाक मोड़ ले लिया है। दो अफसरों की हत्या के पीछे सिर्फ पुराना विवाद ही नहीं, बल्कि एक बड़ी साजिश की बू अब और तेज हो गई है। पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। वैसे-वैसे इस हत्याकांड की परतें खुलती जा रही हैं। अब इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने दो और लोगों को नामजद किया है। यह मुख्य आरोपी के बेहद करीबी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। दोनों फिलहाल फरार हैं और पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है।

दिनदहाड़े हुई थी दो अफसरों की हत्या

यह मामला 12 मार्च का है। जब बदायूं स्थित एचपीसीएल बायोगैस प्लांट में डीजीएम सुधीर कुमार गुप्ता और असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। शुरुआती जांच में सामने आया कि प्लांट में वेंडर के तौर पर काम कर रहे अजय प्रताप सिंह का अधिकारियों से पराली आपूर्ति और भुगतान को लेकर विवाद चल रहा था। पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि प्रशासन ने उसके खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई भी की थी।

अब दो और नाम जुड़े, दोनों फरार

जांच में अब नया मोड़ तब आया, जब पुलिस ने अजय प्रताप सिंह के सगे भाई केशव और उसके ताऊ राकेश सिंह के बेटे अभय को भी इस मामले में नामजद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, दोनों की भूमिका साजिश रचने के स्तर पर सामने आई है। दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस ने दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

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परिजनों की तहरीर से खुली साजिश की कड़ी

मृतक असिस्टेंट मैनेजर हर्षित मिश्रा के परिजनों ने एसएसपी को लिखित तहरीर देकर कुछ संदिग्ध नाम बताए थे। इनमें केशव और अभय के नाम प्रमुखता से सामने आए। परिजनों का आरोप है कि दोनों आरोपी घटना से पहले और बाद में मुख्य आरोपी अजय के संपर्क में थे और हत्या की साजिश में शामिल थे। इसी तहरीर और शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दोनों को केस में शामिल किया।

SIT की निगरानी में तेज हुई जांच

इस हाई-प्रोफाइल केस की विवेचना सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय के पर्यवेक्षण में चल रही है। हाल ही में वह इस मामले की प्रगति रिपोर्ट लेकर SIT के सामने भी पेश हुए, जहां कमिश्नर और डीआईजी स्तर के अधिकारियों को पूरी जानकारी दी गई। सूत्रों के मुताबिक, SIT ने जांच तेज करने और सभी संदिग्ध पहलुओं को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।

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कॉल डिटेल, लोकेशन और गवाहों पर फोकस

पुलिस अब इस पूरे हत्याकांड की हर कड़ी जोड़ने में लगी है। कॉल डिटेल, लोकेशन डेटा और गवाहों के बयान खंगाले जा रहे हैं ताकि साजिश में शामिल सभी चेहरों को बेनकाब किया जा सके। अब तक इस केस में कुल 5 आरोपी नामजद किए जा चुके हैं। जिनमें से 3 जेल में हैं और 2 फरार हैं।

Location :  Budaun

Published :  7 April 2026, 12:38 AM IST

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