बयान बदलो वरना… बदायूं में पुलिस पर गंभीर आरोप; जानें क्या है पूरा मामला

बदायूं के हजरतपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल। एक नाबालिग किशोरी ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसका मेडिकल नहीं कराया, बयान बदलने का दबाव बनाया और आरोपी को बचाने की कोशिश की। मामले ने महिला सुरक्षा और मिशन शक्ति जैसी योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 6 April 2026, 4:51 PM IST
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Budaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। हजरतपुर थाना क्षेत्र से सामने आए मामले ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है, बल्कि महिला सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों पर भी गंभीर सवाल उठा दिए हैं। एक नाबालिग किशोरी ने पुलिस पर ऐसे आरोप लगाए हैं, जो बेहद चौंकाने वाले हैं।

किशोरी का कहना है कि वह दवाई लेने के लिए घर से बाहर निकली थी, तभी एक युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। इस घटना के बाद जब मामला पुलिस तक पहुंचा, तो कार्रवाई की बजाय पुलिस की भूमिका ही संदिग्ध नजर आने लगी।

नाबालिग का आरोप: मेडिकल नहीं, बयान बदलने का दबाव

पीड़ित किशोरी ने आरोप लगाया है कि हजरतपुर पुलिस ने उसका मेडिकल तक नहीं कराया, जो इस तरह के मामलों में बेहद जरूरी प्रक्रिया मानी जाती है। इतना ही नहीं, किशोरी का दावा है कि पुलिस ने उसे बयान बदलने के लिए दबाव बनाया और यहां तक कि धमकी भी दी।

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किशोरी के मुताबिक, एक महिला कांस्टेबल ने उसे डराया-धमकाया और कहा कि अगर उसने अपना बयान नहीं बदला तो लड़का फंस जाएगा। इस पूरे मामले में पुलिस की भूमिका पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि पीड़िता का कहना है कि उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया।

आरोपी को बचाने के आरोप

मामले में सबसे बड़ा आरोप यह है कि पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बजाय हल्की धाराओं में चालान कर दिया। किशोरी और उसके परिजनों का आरोप है कि इसमें आर्थिक साठगांठ की भी आशंका है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी को बचाने के लिए जानबूझकर केस को कमजोर किया गया। अगर यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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महिला सुरक्षा के दावे सवालों में

इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य सरकार की महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं, खासकर मिशन शक्ति की जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर ऐसे मामले उन दावों की पोल खोलते नजर आते हैं।

स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर नाराजगी है और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। अब देखना होगा कि इस मामले में उच्च अधिकारी क्या कार्रवाई करते हैं और पीड़ित किशोरी को न्याय मिल पाता है या नहीं।

Location :  Budaun

Published :  6 April 2026, 4:51 PM IST

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