क्या सच में बचकर निकल रही थीं Kangana Ranaut? कोर्ट में खुली पुलिस की पोल, अब इस तारीख को होगा बड़ा फैसला

भाजपा सांसद कंगना रनौत द्वारा किसानों पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में आज कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने न्यू आगरा पुलिस की रिपोर्ट को अधूरा बताते हुए आपत्ति जताई। अब कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई तय की है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 6 June 2026, 4:17 PM IST
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New Delhi : भाजपा सांसद और फिल्म अभिनेत्री कांगना रनौत (Kangana Ranaut) की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसानों के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले में उनके खिलाफ एक कानूनी दांवपेंच चल रहा था, जिसको लेकर एमपी-एमएलए कोर्ट में आज सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने पुलिस द्वारा अदालत में प्रस्तुत की गई रिपोर्ट को अधूरा बताते हुए उन पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 8 जुलाई को निर्धारित की।

सुनवाई के दौरान वादी वरिष्ठ अधिवक्ता Ramashankar Sharma की ओर से पेश अधिवक्ताओं ने न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दाखिल किया। इसमें आरोप लगाया गया कि न्यू आगरा पुलिस ने कंगना रनौत का बयान दर्ज किए बिना और उनसे कोई पूछताछ किए बिना केवल उनके अधिवक्ता के कथनों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर अदालत में प्रस्तुत कर दी।

इस दिन होगी अगली सुनवाई

वहीं, कंगना रनौत की अधिवक्ता अनुसुइया चौधरी की ओर से जूनियर अधिवक्ता ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह अस्वस्थ होने के कारण बहस में उपस्थित नहीं हो सकतीं, इसलिए उन्हें समय दिया जाए। इस पर वादी पक्ष ने आपत्ती जताते हुए कहा कि विपक्षी पक्ष मामले को लंबा खींच रहा है और लगातार बहस से बच रहा है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने विपक्षी पक्ष को अपना पक्ष रखने के लिए 8 जुलाई को अगली सुनवाई का फैसला किया।

स्वीकार की गई नई याचिका

इससे पहले अधीनस्त न्यायालय ने 6 मई 2025 को इस शिकायत को खारिज कर दिया था, जिससे कंगना को अब राहत मिल गई है। हालांकि, अब शिकायतकर्ता मंहिदर कौर के वकील ने इस खारिज आदेश के खिलाफ सेशन कोर्ट में रिवीजन दायर की थी। विशेष न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया था।

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कोर्ट ने 6 मई के पुराने आदेश को निरस्त कर दिया है और अधीनस्थ न्यायालय को यह निर्देश दिया गया है कि वह दोबारा सुनवाई करें। कोर्ट ने कहा कि पुराने आदेश में कानूनी प्रक्रिया (बीएनएसएस की धारा 225) का सही से पालन नहीं किया गया था। अब इस मामले की अगली सुनवाई 29 नवंबर को होगी। इसका मतलब है कि मंडी सांसद को अब इस मामले में फिर से कोर्ट का सामना करना पड़ सकता है।

क्या है पूरा मामला?

कांगना रनौत (Kangana Ranaut) पर वरिष्ठ वकील रमाशंकर शर्मा ने 11 सितंबर 2024 को कोर्ट में कंगना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन पर आरोप था कि 26 अगस्त 2024 को कंगना ने किसानों पर जो टिप्पणी की थी, उससे लाखों किसानों की भावनाओ को ठेस पहुंचा है।

इस एक ट्वीट से मचा हंगामा

यह पूरा मामला साल 2021 का है, जब दिल्ली की सीमाओं पर ऐतिहासिक किसान आंदोलन चल रहा था। उस दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांगना रनौत ने एक ने एक बुजुर्ग महिला की फोटो साझा करते हुए एक विवादित ट्वीट किया था।

कंगना ने बठिंडा के गांव बहादुरगढ़ जंडिया की रहने वाली 87 वर्षीय बुजुर्ग किसान मंहिदर कौर को शाहिन बाग की दादी समझ लिया था। उन्होंने कहा था, ‘ऐसी महिलाएं 100-100 रुपये में धरने में शामिल होने के लिए उपलब्ध हैं’। इस टिप्पणी ने न केवल मंहिदर कौर बल्कि पूरे किसान समुदाय की भावनाओं को आहत किया। मंहिदर ने इस बात को अपनी छवि खराब करने वाला बताते हुए कंगना के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया। वह अपने सम्मान की लड़ाई को काफी मजबूती से लड़ रही है, उनका मानना है कि एक सम्मानित किसान परिवार से हैं और कांगना की टिप्पणी के बाद उनके मान-सम्मान को ठेस पहुंचाई है।

Location :  New Delhi

Published :  6 June 2026, 4:17 PM IST

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