डेढ़ लाख में B.Pharma, 6 लाख में BAMS! मुजफ्फरनगर से उत्तराखंड तक करोड़ों का खेल

मुजफ्फरनगर पुलिस ने फर्जी मेडिकल डिग्री बनाने वाले बड़े गिरोह का खुलासा करते हुए 15 हजार के इनामी आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि पंजाब से फर्जी B.Pharma और BAMS की डिग्रियां बनवाकर यूपी और उत्तराखंड में लाखों रुपये में बेची जाती थीं।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 6 July 2026, 8:03 PM IST
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Muzaffarnagar : जिले में पुलिस ने फर्जी मेडिकल डिग्री के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए 15 हजार रुपये के इनामी आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह पंजाब से फर्जी बी.फार्मा और बीएएमएस की डिग्रियां तैयार कराकर मुजफ्फरनगर और उत्तराखंड में लाखों रुपये में बेचता था। इन्हीं डिग्रियों के सहारे कई लोग खुद को डॉक्टर बताकर क्लीनिक और डायग्नोस्टिक सेंटर चला रहे थे। जिससे आम लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था।

इनामी निकला पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड

पुलिस के हत्थे चढ़ा मुख्य आरोपी इमलाख 15 हजार रुपये का इनामी है। पुलिस के अनुसार वह बाबा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी का चेयरमैन है और लंबे समय से फर्जी मेडिकल डिग्रियों का कारोबार चला रहा था। इससे पहले भी उत्तराखंड एसटीएफ उसे गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। जेल से बाहर आने के बाद उसने फिर से यह नेटवर्क खड़ा कर लिया।

डेढ़ लाख में बी.फार्मा, 6 लाख में BAMS की डिग्री

जांच में सामने आया है कि आरोपी पंजाब से फर्जी B.Pharma की डिग्री करीब डेढ़ लाख रुपये और BAMS की डिग्री छह लाख रुपये में तैयार कराकर बेचता था। पुलिस का दावा है कि अब तक 36 से 40 फर्जी मेडिकल डिग्रियां बेची जा चुकी हैं। इन डिग्रियों के आधार पर कई लोग खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज कर रहे थे।

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दो फर्जी डॉक्टर भी गिरफ्तार

पुलिस ने इमलाख के साथ डॉक्टर मंसूर उलहक और डॉक्टर वीके गौतम को भी गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि दोनों बिना वैध डिग्री के हरिद्वार और मुजफ्फरनगर में मेडिकल सेंटर और डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित कर रहे थे। पुलिस का कहना है कि दोनों इस पूरे सिंडिकेट का सक्रिय हिस्सा थे।

छापेमारी में कई दस्तावेज बरामद

छपार थाना पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में आरोपियों के कब्जे से 32 विजिटिंग कार्ड, 10 लेटर पैड, चार अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, तीन मोबाइल फोन और एक कार बरामद की गई। बरामद दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जिससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।

एसएसपी बोले- पंजाब कनेक्शन की होगी गहन जांच

एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से 11 मुकदमे दर्ज हैं और उसके तार हरिद्वार, देहरादून तथा पंजाब से जुड़े मिले हैं। पूछताछ में आरोपी ने पंजाब से फर्जी डिग्रियां तैयार कराने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब मेडिकल विभाग के साथ मिलकर पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में फ्रॉड समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  6 July 2026, 7:58 PM IST

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