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राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा फैसला (Img : Google)
Ayodhya : अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक के बाद बड़ा फैसला सामने आया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। दोनों की जिम्मेदारियां फिलहाल अंतरिम तौर पर कृष्ण मोहन को सौंप दी गई हैं। नए महासचिव के नाम का अभी ऐलान नहीं किया गया है। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी महाराज ने बैठक के बाद प्रेस वार्ता में इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह बैठक बेहद असाधारण परिस्थितियों में बुलाई गई थी और ट्रस्ट के लिए यह बेहद दुखद समय है।
प्रेस वार्ता की शुरुआत मंत्रोच्चार से करते हुए गोविंद गिरी महाराज ने कहा कि राम मंदिर के निर्माण के लिए देशभर के लाखों लोगों ने अपना समय, धन, परिवार और करियर तक दांव पर लगा दिया। ऐसे पवित्र कार्य से जुड़ी चोरी की घटना ने पूरे ट्रस्ट को शर्मिंदा और दुखी कर दिया है। उन्होंने कहा कि कितनी राशि की चोरी हुई, यह बाद की बात है, लेकिन मंदिर जैसी आस्था के केंद्र में इस तरह की घटना होना बेहद पीड़ादायक है।
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बैठक का सबसे बड़ा फैसला महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे को स्वीकार करना रहा। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि दोनों के पद छोड़ने के बाद उनके सभी प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्य अब अंतरिम रूप से कृष्ण मोहन संभालेंगे। हालांकि नए महासचिव की नियुक्ति को लेकर फिलहाल कोई फैसला नहीं लिया गया है।
बैठक में ट्रस्ट के कामकाज को सुचारु बनाए रखने और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा हुई। कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी महाराज ने कहा कि ट्रस्ट पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगा और मंदिर से जुड़े सभी कार्य पहले की तरह जारी रहेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास को बनाए रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा। ट्रस्ट का बयान है कि मौजूदा परिस्थितियों से जल्द उबरकर व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा।
Location : Ayodhya
Published : 6 July 2026, 7:04 PM IST