Maharajganj: ‘मां के कलेजे से लिपटा था 9 महीने का मासूम…’ फरेंदा में अचानक ढही छत, आंसुओं में बदला ममता का आंचल

महराजगंज जिले के फरेंदा थाना क्षेत्र के नियामतपुर गांव में मंगलवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। कमरे में सो रही 24 वर्षीया महिला और उसके 9 महीने के मासूम बेटे पर छत का प्लास्टर ईंटों समेत आ गिरा। घटना से परिजनों में हड़कंप मच गया।

Post Published By: Komal Chauhan
Updated : 19 August 2026, 4:50 PM IST
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Maharajganj: नियामतपुर निवासी शत्रुघ्न की पत्नी पूजा मंगलवार रात अपने नौ माह के बेटे आयुष के साथ कमरे में सो रही थी। रात करीब तीन बजे अचानक छत का जर्जर प्लास्टर ईंट के टुकड़ों के साथ भरभराकर सीधे उनके ऊपर गिर पड़ा।

मलबे की चपेट में आए मां-बेटा

धमाके जैसी तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर घर के अन्य सदस्य तुरंत दौड़कर कमरे में पहुंचे। कमरे में मलबा बिखरा पड़ा था और पूजा व मासूम आयुष चोटिल होकर दर्द से कराह रहे थे।

FARENDA

छत का प्लास्टर गिरा (Img: Dynamite News)

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आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे परिजन

परिजन दोनों को तुरंत इलाज के लिए पास के एक निजी अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया और समय पर इलाज मिलने से दोनों की स्थिति में सुधार आ गया।

डॉक्टरों द्वारा स्थिति को खतरे से बाहर बताने पर परिजनों ने राहत की सांस ली, जिसके बाद दोनों को घर वापस ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शत्रुघ्न के घर पहुंचे और परिजनों का हाल जाना।

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बड़ा हादसा टला

जिला पंचायत सदस्य परमानंद तिवारी ने बताया कि घटना बेहद गंभीर थी, लेकिन गनीमत रही कि पूरी छत नहीं ढही, वरना भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने व जर्जर मकानों की छतों की समय-समय पर मरम्मत और जांच कराना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की अप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति से बचा जा सके। फिलहाल दोनों मां-बेटा पूरी तरह सुरक्षित हैं।

Location :  Maharajganj

Published :  19 August 2026, 4:30 PM IST

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