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पूर्व सांसद विद्यासागर सोनकर (Img- Facebook)
Lucknow: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश में आगामी द्विवार्षिक राज्यसभा चुनाव के लिए अपने आठ प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर दिया है। इस लिस्ट में कई बड़े-बड़े सुरमाओं के नाम गायब हैं, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा जिस नाम की हो रही है, वह हैं विद्यासागर सोनकर। स्मृति ईरानी, कुमार विश्वास और हरदीप सिंह पुरी जैसे राष्ट्रीय स्तर के दिग्गजों को रेस से बाहर कर बीजेपी ने विद्यासागर सोनकर पर दांव खेला है।
उनके नाम के ऐलान के साथ ही राजनीतिक गलियारों में यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर विद्यासागर सोनकर कौन हैं और पार्टी में उनका कद क्या है।
विद्यासागर सोनकर (Vidyasagar Sonkar) भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं। उनका जन्म 21 जुलाई 1961 को उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सुखीपुर में हुआ था। उन्होंने अपनी शिक्षा (M.A., B.Ed., LL.B.) पूरी करने के बाद वकालत और कृषि के साथ सामाजिक और राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पृष्ठभूमि से आने वाले सोनकर ने अपने करियर की शुरुआत जौनपुर में बूथ अध्यक्ष और नगर पालिका सभासद के रूप में की थी।
यूपी राज्यसभा चुनाव में BJP ने खोले पत्ते, 8 उम्मीदवारों के नाम घोषित
वह 1996 में गाजीपुर जिले के सैदपुर (असुरक्षित/अनुसूचित जाति) संसदीय क्षेत्र से 11वीं लोकसभा के लिए बीजेपी के टिकट पर सांसद चुने गए थे। इसके बाद उन्होंने पार्टी संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली। वे बीजेपी उत्तर प्रदेश के प्रदेश महामंत्री और अनुसूचित मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष जैसे पदों पर रह चुके हैं।
2018 में वह उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के सदस्य बने और विधान परिषद में उप नेता की जिम्मेदारी भी संभाली। उत्तर प्रदेश के प्रमुख दलित चेहरों में गिने जाने वाले विद्यासागर सोनकर को संगठन में उनकी मजबूत पकड़, जमीनी कार्यशैली और सादगी के लिए जाना जाता है।
यूपी में आने वाले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने इस बार राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा है। 8 सीटों में से 3 ओबीसी, 2 दलित, 2 ब्राह्मण और 1 ठाकुर प्रत्याशी को मौका दिया गया है। बता दें कि इस लिस्ट में धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, गोपी कृष्णा पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, राम प्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार शामिल हैं।
विद्यासागर सोनकर को राज्यसभा भेजकर बीजेपी ने दलित समुदाय को एक बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। सोनकर समाज और दलित वर्ग में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी ने केंद्रीय राजनीति में उन्हें आगे बढ़ाने का फैसला लिया है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यासागर सोनकर समेत घोषित किए गए सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दी हैं। सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि सभी सम्मानित प्रत्याशियों की ऐतिहासिक विजय हेतु अनंत मंगलकामनाएं।
दिलचस्प बात यह है कि इस बार बीजेपी ने यूपी से अपने किसी भी पुराने राज्यसभा सांसद को दोबारा मौका नहीं दिया है। विद्यासागर सोनकर जैसे जमीनी और संगठनात्मक नेताओं को तवज्जो देकर पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि संगठन के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं को बड़ा ईनाम दिया जाएगा।
Location : Lucknow
Published : 5 October 2026, 4:04 PM IST