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कार्यालय में लगा ताला
Maharajganj: सदर ब्लॉक में इन दिनों ग्राम विकास अधिकारियों और पंचायती राज सचिवों के कार्यालयों पर लगे दो-दो ताले चर्चा का बड़ा मुद्दा बने हुए हैं। ब्लॉक परिसर में पसरा सन्नाटा, बंद कमरे और दरवाज़ों पर डबल लॉक ने पूरे मामले को और दिलचस्प बना दिया है। अचानक उत्पन्न हुए इस हालात ने न सिर्फ कर्मचारियों को चौंकाया है बल्कि जिलेभर में इस पर सवालों की बौछार भी शुरू हो गई है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, पूरा मामला तब चर्चा में आया जब कुछ दिन पहले देर रात ब्लॉक परिसर में दो नीली बत्ती लगी अज्ञात गाड़ियां दाखिल हुईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इन गाड़ियों में बैठे लोग ब्लॉक परिसर में देर तक चहलकदमी करते रहे। चूंकि यह पूरी गतिविधि कार्यालय समय के बाद की थी और किसी भी जिम्मेदार अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं थी, इसलिए इस संदिग्ध हलचल ने कर्मचारियों और स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा।
जब यह सूचना जिला विकास अधिकारी (DDO) तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए बीडीओ घुघली को मौके पर भेजा। बीडीओ ने देर रात परिसर पहुंचकर वहां मौजूद लोगों से ब्लॉक भवन खाली करने को कहा। घटना इतनी अचानक और रहस्यमयी थी कि अगले दिन कार्यालय पहुंचे अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी खलबली मच गई।
अगली सुबह जब ग्राम विकास अधिकारी संघ भवन से लेकर सचिव और अन्य अधिकारियों के कमरों की जांच हुई तो हर कमरे पर दो-दो ताले मिले। पहला ताला तो संबंधित अधिकारी के नाम से पहले से लगा रहता है, लेकिन दूसरा ताला जिला विकास अधिकारी के निर्देश पर एहतियातन लगाया गया था। इस अप्रत्याशित व्यवस्था ने कई तरह के सवाल खड़े कर दिए।
इस पूरे मामले पर डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता से बातचीत करते हुए प्रभारी बीडीओ और जिला विकास अधिकारी भोला नाथ कन्नौजिया ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि “सचिवों का रोजमर्रा का काम ब्लॉक में नहीं है। उन्हें गांवों के पंचायत भवनों में बैठकर काम करना चाहिए। अगर IG-RS या कोई अत्यावश्यक कार्य होगा तो शाम चार बजे ताला खोल दिया जाएगा और काम पूरा होते ही दोबारा बंद कर दिया जाएगा।”
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उन्होंने आगे कहा कि ब्लॉक परिसर में पिछले दिनों अनियंत्रित भीड़ और अराजक तत्वों की बढ़ती गतिविधि पर नियंत्रण जरूरी था। कुछ सचिव बिना किसी कारण ब्लॉक परिसर में घंटों बैठे रहते थे, जिससे कार्यप्रणाली पर असर पड़ता था। इसी वजह से सुरक्षा और अनुशासन को ध्यान में रखते हुए डबल लॉक सिस्टम लागू किया गया है। स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार, ब्लॉक कार्यालय में अक्सर भीड़ बढ़ जाती है और कुछ लोग बिना अनुमति के कार्यालयों का उपयोग करते दिख जाते हैं। ऐसे वातावरण में दस्तावेजों, अभिलेखों और उपकरणों की सुरक्षा भी चुनौती बन रही थी।
Location : Maharajganj
Published : 22 November 2025, 2:48 PM IST