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महराजगंज जिले के लक्ष्मीपुर ब्लॉक के भैसहिया गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रथम में लगा सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप वर्षों से खराब पड़ा है। करीब 100 छात्र शुद्ध पेयजल से वंचित हैं। विद्यालय स्टाफ द्वारा कई बार लिखित शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। बच्चों के स्वास्थ्य के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं के बीच यह लापरवाही सवाल खड़े कर रही है।
सरकारी हैंडपंप बना शोपीस
Maharajganj: अड्डाबाजार क्षेत्र के लक्ष्मीपुर ब्लॉक अंतर्गत भैसहिया गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय प्रथम में सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप सालों से खराब पड़ा हुआ है। विद्यालय में लगभग 100 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन उन्हें स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
शासन की ओर से बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं, ताकि विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। इसके बावजूद विद्यालय परिसर में लगा हैंडपंप निष्क्रिय पड़ा है और छात्र शुद्ध जल के लिए परेशान हैं।
विद्यालय के स्टाफ ने बताया कि हैंडपंप की खराबी को लेकर कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई है। शिक्षकों का कहना है कि समस्या से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
लगातार शिकायतों के बावजूद मरम्मत न होना विभागीय उदासीनता को दर्शाता है। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि यदि समय रहते हैंडपंप ठीक कर दिया जाता, तो बच्चों को राहत मिलती। फिलहाल हैंडपंप केवल शोपीस बनकर रह गया है।
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सरकार द्वारा विद्यालयों में स्वच्छ जल, मिड-डे मील और स्वास्थ्य जांच जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। लेकिन जब विद्यालय में पीने के पानी की मूलभूत व्यवस्था ही ठप हो, तो इन योजनाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
गर्मी के दिनों में पानी की आवश्यकता और बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध न होना उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर मरम्मत न हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों को बुनियादी सुविधाएं देना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि बच्चों को शुद्ध पेयजल मिल सके। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कब तक ध्यान देते हैं और कब तक विद्यालय के छात्रों को इस समस्या से राहत मिलती है।