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वर्दी पहन अपना सम्मान कराता पीड़ित
Maharajganj: देश की सेवा करने का सपना देखने वाली एक एनसीसी कैडेट के साथ ऐसा फर्जीवाड़ा हुआ कि सुनकर हर कोई हैरान रह जाएगा। महराजगंज जिले के निचलौल थाना क्षेत्र अंतर्गत डोमा कांटी निवासी नगमा, जो एक इंटर कॉलेज में एनसीसी कैडेट को सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देकर जालसाजों ने गोरखपुर से लेकर राजस्थान तक फर्जी भर्ती अभियान चलाया।
इस दौरान न केवल उसे आर्मी की वर्दी पहनाई गई, बल्कि फिजिकल ट्रेनिंग, ब्लड टेस्ट और कथित सीओ से मुलाकात तक कराई गई। अंत में जब रकम मांगी गई, तब जाकर सच्चाई का पर्दाफाश हुआ।
पीड़िता नगमा, जो कि बढ़या गांव के एक इंटर कॉलेज की बारहवीं की छात्रा
ने बताया कि वह कॉलेज में एनसीसी कैडेट के रूप में प्रशिक्षण ले रही है। इसी क्रम में 10 अगस्त 2025 को वह सलेमपुर मठलार में एनसीसी की फायरिंग ट्रेनिंग में शामिल हुई थी, जहां उसकी मुलाकात धीरज कुमार नामक युवक से हुई। धीरज ने खुद को सेना से जुड़ा बताते हुए कहा कि उसका “ऊपर तक कनेक्शन” है और वह उसे आर्मी में भर्ती करवा सकता है।
23 सितंबर को धीरज ने नगमा को फोन करके गोरखपुर बुलाया। अगले दिन 24 सितंबर को जब वह गोरखपुर बस स्टेशन पहुंची, तो धीरज पहले से वहां मौजूद मिला। उसने तुरंत ही उसे सेना की वर्दी पहनाई और अगले दिन उसे फिजिकल ट्रेनिंग के लिए फील्ड में लेकर गया, जहां पांच लड़कियां और छह लड़के पहले से मौजूद थे। वहां सभी को दौड़, एक्सरसाइज और मार्च कराई गई।
फर्जीवाड़े को और असली दिखाने के लिए जालसाजों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के पास ब्लड टेस्ट भी कराया। फिर नगमा को बताया गया कि सेना में भर्ती के लिए ₹2,70,000 रुपये देने होंगे। इसी दौरान धीरज ने कहा कि उन्हें आगे ट्रेनिंग के लिए राजस्थान के पुष्कर जाना होगा। वहां पहुंचने पर नगमा और अन्य कैडेट्स को अंगद मिश्रा नामक व्यक्ति से मिलवाया गया, जिसे “सीओ साहब” बताया गया। उसने नौकरी पक्की करने का वादा किया और रकम की मांग करते हुए कहा कि मार्च में ज्वाइनिंग लेटर मिल जाएगा।
इसके बाद सभी को वर्दी के साथ घर भेज दिया गया। घर लौटने पर नगमा को शक हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है। उसने मामले की सूचना निचलौल थाने में दी।
थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार वर्मा ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर आरोपी धीरज कुमार और अंगद मिश्रा के खिलाफ धारा 419 (छल) व 420 (जालसाजी) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और यह भी जांच की जा रही है कि कहीं यह गिरोह अन्य युवाओं को भी सेना भर्ती के नाम पर ठगने में शामिल तो नहीं है।
यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि नौकरी या भर्ती के नाम पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति पर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है।
Location : Maharajganj
Published : 10 October 2025, 12:02 AM IST