2000 लीटर डीजल बरामद, फिर भी नहीं दर्ज हुआ मुकदमा! डीएम से पेटी डीलर का लाइसेंस निरस्त करने की मांग

महराजगंज के निचलौल तहसील क्षेत्र में 2000 लीटर डीजल बरामदगी का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। मामले में अब तक कोई मुकदमा दर्ज न होने पर शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की पड़ताल और संबंधित पेटी डीलर की भूमिका की जांच की मांग की है।

महराजगंज:  उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जनपद के निचलौल तहसील क्षेत्र में 2000 लीटर डीजल बरामदगी का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। मामले में अब तक कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज न होने पर सवाल उठाते हुए ग्राम लक्ष्मीपुर खुर्द निवासी अनिल यादव ने जिलाधिकारी महराजगंज को शिकायती पत्र सौंपकर अवैध डीजल भंडारण, संभावित तस्करी और संबंधित पेटी डीलर की भूमिका की जांच कराने की मांग की है।

मुकदमा दर्ज न होने पर उठे सवाल

शिकायती पत्र के अनुसार, 17 जून 2026 को नायब तहसीलदार निचलौल एवं राजस्व निरीक्षक द्वारा ग्राम लक्ष्मीपुर खुर्द स्थित एक मकान से लगभग 2000 लीटर डीजल बरामद कर उसे सीज किया गया था। इसकी सूचना आपूर्ति विभाग को भी भेजी गई थी, लेकिन आरोप है कि एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आवश्यक वस्तु अधिनियम, पेट्रोलियम अधिनियम या अन्य संबंधित कानूनों के तहत कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

शिकायतकर्ता ने डीएम को सौंपा प्रार्थना पत्र

शिकायतकर्ता का कहना है कि क्षेत्र में संचालित एक पेटी डीलर के माध्यम से प्रतिदिन हजारों लीटर डीजल विभिन्न पेट्रोल पंपों से खरीदकर नेपाल सीमा की ओर भेजे जाने की चर्चाएं लंबे समय से होती रही हैं। इस संबंध में सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की भी जांच कराए जाने की मांग की गई है।

नेपाल सीमा से जुड़े एंगल की जांच की मांग

प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पेटी डीलर लाइसेंस में दर्ज गोदाम की चौहद्दी और जिस स्थान से डीजल बरामद हुआ उसकी चौहद्दी में अंतर है। ऐसे में लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन और अवैध भंडारण की आशंका जताई गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि बरामदगी स्थल भारत-नेपाल सीमा के बेहद करीब स्थित है, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है।

पेटी डीलर की भूमिका पर भी सवाल

अनिल यादव ने जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की सत्यता की पड़ताल करने, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका स्पष्ट करने तथा जांच में अनियमितता मिलने पर संबंधित पेटी डीलर का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। मामले ने सीमा क्षेत्र में डीजल के अवैध कारोबार और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

Location :  Maharajganj

Published :  25 June 2026, 8:43 PM IST

Advertisement