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प्रयागराज का माघ मेला 2026 कुम्भ आयोजनों के लिए रोल मॉडल बन गया है। 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता के बाद हरिद्वार कुम्भ 2027 की टीम दो दिन तक यहां व्यवस्थाओं और भीड़ प्रबंधन का अध्ययन करेगी।
माघ मेला बना कुम्भ आयोजनों का रोल मॉडल (Img- Internet)
Prayagraj: प्रयागराज की संगमनगरी में आयोजित माघ मेला 2026 इस बार केवल धार्मिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि कुम्भ मेलों के सफल प्रबंधन का एक रोल मॉडल बनकर उभरा है। अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता ने इसे ऐतिहासिक बना दिया है। इस अभूतपूर्व सफलता से सीख लेने के लिए देश के अन्य कुम्भ आयोजक शहरों की टीमें प्रयागराज पहुंच रही हैं।
हरिद्वार कुम्भ 2027 की मेलाधिकारी सोनिका के नेतृत्व में एक शिष्ट मंडल सोमवार को प्रयागराज पहुंचेगा। यह टीम दो दिनों तक माघ मेले के आयोजन, व्यवस्थाओं और भीड़ प्रबंधन का गहन अध्ययन करेगी। प्रयागराज की तर्ज पर हरिद्वार में छठवें वर्ष कुम्भ मेले के आयोजन की तैयारी की जा रही है, जिसमें अखाड़ों को भी आमंत्रित किया जा रहा है।
प्रयागराज मेला प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, माघ मेले के दौरान नासिक, उज्जैन और दक्षिण कुम्भ (गोदावरी तट) से जुड़ी प्रशासनिक टीमें पहले ही यहां आकर अध्ययन कर चुकी हैं। नासिक कुम्भ की टीम ने प्रयागराज की व्यवस्थाओं को समझने के बाद अपने यहां भूमि पूजन तक कर लिया है।
हरिद्वार कुम्भ 2027 (Img- Internet)
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माघ मेला 2026 में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या के बावजूद व्यवस्थाएं सुचारु रहीं। अचानक भीड़ बढ़ने की स्थिति में उठाए गए त्वरित कदम, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा इंतजाम, डिजिटल मॉनिटरिंग और संस्थाओं को बसावट के लिए आबद्ध करने जैसी व्यवस्थाएं अन्य कुम्भ आयोजनों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
हरिद्वार से आने वाली टीम स्थलीय निरीक्षण करेगी और मेले से जुड़े हितधारकों से बातचीत करेगी। इसके साथ ही मेला प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक कर आयोजन से जुड़े अनुभव और चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। अभिनव प्रयोगों और प्रशासनिक समन्वय की भी जानकारी ली जाएगी।
प्रयागराज मेला प्राधिकरण के मेलाधिकारी ऋषिराज ने कहा कि माघ मेला 2026 एक नए रोल मॉडल के रूप में सामने आया है। 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं का सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन हमारे लिए गर्व की बात है। माघ मेले से कुम्भ की सीख लेना प्रयागराज की व्यवस्थाओं की सफलता को दर्शाता है।