मायावती ने लखनऊ में 1400 नेताओं के साथ की हाईलेवल बैठक, सत्ता और विपक्ष दोनों को घेरा; जानें क्या बोलीं

बसपा प्रमुख मायावती ने संसद की कार्यवाही को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने जनहित के मुद्दों की अनदेखी, धर्म-जाति की राजनीति और SIR से प्रभावित पार्टी कार्यों पर खुलकर अपनी बात रखी।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 7 February 2026, 12:29 PM IST
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Lucknow: लखनऊ से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती इस वक्त लखनऊ में एक हाईलेवल बैठक रही है। इस बैठक में बहुजन समाज पार्टी से जुड़े 1400 से अधिक लोग शामिल हैं। बैठक में मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में धर्म और जाति की राजनीति हो रही है। इसके अलावा मायावती ने SIR मामले को लेकर खुलकर चर्चा की। उन्होंने सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार को घेरने की कोशिश की है।

मायावती का गुस्सा खुलकर सामने आया

इस बैठक में जिलाध्यक्ष, प्रदेश के बड़े पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, विधायक, सांसद और अन्य पड़े नेता मौजूद हैं। देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था संसद को लेकर बसपा प्रमुख मायावती का गुस्सा खुलकर सामने आया है। उन्होंने संसद की मौजूदा कार्यवाही को जनहित से भटका हुआ बताते हुए कहा कि वहां गंभीर बहस के बजाय सिर्फ ड्रामा और एक-दूसरे को नीचा दिखाने का खेल चल रहा है। मायावती ने साफ शब्दों में कहा कि यह स्थिति लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है और इससे आम जनता का भरोसा टूटता है।

जनहित के मुद्दों पर चर्चा गायब

मायावती ने कहा कि संसद में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही संविधान की गरिमा और मर्यादा को भूलते नजर आ रहे हैं। टैरिफ जैसे अहम और सीधे जनता से जुड़े मुद्दों पर संसद में स्पष्ट चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन आपसी आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे के कारण ऐसे विषयों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। उन्होंने कहा कि संसद चलाने के लिए जो नियम और कानून बने हैं, उनका पालन करना सत्ता और विपक्ष दोनों की जिम्मेदारी है।

धर्म और जाति की राजनीति पर सीधा हमला

सरकार पर निशाना साधते हुए बसपा प्रमुख ने कहा कि आज की सरकारें जनहित की समस्याओं को सुलझाने के बजाय धर्म और जाति की आड़ में अपनी राजनीति चमकाने में लगी हैं। उन्होंने चेताया कि इस तरह की राजनीति समाज में नफरत और विभाजन को बढ़ावा देती है, जो देशहित में कतई नहीं है। मायावती ने कहा कि गरीब, ओबीसी, एससी-एसटी और अल्पसंख्यक वर्ग लगातार उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं।

कार्यकर्ताओं को दिया साफ संदेश

बैठक में मायावती ने पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जनता के बीच जाकर किसानों, मजदूरों और व्यापारियों की बिगड़ती हालत को प्रमुख मुद्दा बनाएं। उन्होंने कहा कि बसपा का मूल उद्देश्य हमेशा से वंचित और कमजोर वर्गों की आवाज उठाना रहा है और इसमें किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

SIR को लेकर चिंता और साजिश का आरोप

मायावती ने यह भी स्वीकार किया कि SIR के चलते पार्टी के कुछ संगठनात्मक कार्य प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन्हें जल्द पूरा करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि विरोधी दल बसपा को कमजोर करने के लिए साजिशें रच रहे हैं, जिनसे सतर्क रहने की जरूरत है। बैठक में पार्टी के जनाधार को मजबूत करने और आर्थिक सहयोग से जुड़े कार्यों की भी गहन समीक्षा की गई।

Location : 
  • Lucknow

Published : 
  • 7 February 2026, 12:29 PM IST

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