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निचलौल क्षेत्र में बिजली करंट से मृत लाइनमैन के परिजनों से मिले पूर्व मंत्री सुशील कुमार टीबड़ेवाल, आर्थिक सहायता देकर बंधाया ढांढस और सरकार से मुआवजे की मांग की।
पूर्व मंत्री सुशील कुमार टिबड़ेवाल ने पीड़ित परिवार को दी आर्थिक मदद
Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के सिसवा विधानसभा क्षेत्र में दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। टीकर परसौनी के खोसटा टोला परगापुर में कुछ दिन पहले बिजली के करंट की चपेट में आने से लाइनमैन रम्मन चौहान की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद से गांव में मातम पसरा है और परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, रम्मन चौहान बिजली लाइन पर काम कर रहे थे, तभी अचानक करंट की चपेट में आ गए। झटके इतने तेज थे कि वह नीचे गिर पड़े और गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी स्तब्ध हैं कि रोजी-रोटी के लिए काम पर गया व्यक्ति इस तरह वापस नहीं लौटा।
रम्मन चौहान परिवार के कमाने वाले मुख्य सदस्य थे। उनके असमय निधन से घर की आर्थिक स्थिति पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। पत्नी और बच्चों का भविष्य अब अनिश्चित नजर आ रहा है।
पूर्व मंत्री पहुंचे, जताया शोक
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुशील कुमार टिबड़ेवाल रविवार को पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर गहरा शोक व्यक्त किया और ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि परिवार के कमाने वाले सदस्य की इस तरह असमय मौत बेहद दुखद है और सरकार को ऐसे मामलों में संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए।
पूर्व मंत्री ने अपनी ओर से आर्थिक सहयोग भी दिया और भरोसा दिलाया कि हर संभव मदद के लिए वह खड़े रहेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पीड़ित परिवार को उचित सरकारी मुआवजा और सहायता दी जाए, ताकि परिवार को कुछ आर्थिक सहारा मिल सके। साथ ही हादसे की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की भी बात कही।
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस मौके पर सपा जिलाध्यक्ष विद्यासागर यादव, उपाध्यक्ष तय्यब अंसारी, चंद्रभूषण जायसवाल, अमरनाथ यादव, बवाली यादव, हीरालाल जख्मी, हृदेश पाण्डेय और राम ईश्वर यादव समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने परिवार को सांत्वना दी और न्याय की मांग दोहराई। गांव में अब भी सन्नाटा है। लोग कह रहे हैं कि बिजली विभाग में सुरक्षा मानकों की सख्ती से जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।